शुक्रवार की शाम करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच अचानक आई तेज आंधी ने भारी तबाही मचा दी।
श्योपुर। शुक्रवार की शाम करीब साढ़े तीन से चार बजे के बीच अचानक आई तेज आंधी ने भारी तबाही मचा दी। आंधी की वजह से एक टीनशेड तबाह हो गया। दीवार की चपेट में आने से एक ही परिवार की दो महिलाओं सहित तीन लोगों की दबने से मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
इस घटना के बाद पूरी बस्ती में अफरा-तफरी मच गई। मौतों की खबर से पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। परिवारजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
घटना आवदा थाना इलाके की आदिवासी बस्ती सूसवाड़ा की है। बताया गया है कि शुक्रवार को शाम करीब साढ़े तीन बजे से चार बजे के बीच एक ही परिवार के भीमा आदिवासी, रिंकू आदिवासी, सीमा आदिवासी और राजवती आदिवासी अपने घर के टीनशेड में बैठे हुए थे।
तभी अचानक आई तेज आंधी से उनके टीनशेड में लगी लोहे की चादर उड़ गई और टीनशेड की दीवार उनके ऊपर गिर गई। दीवार के मलबे में दबने से भीमा आदिवासी, सीमा आदिवासी और राजवती आदिवासी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गया।
सात दिन में तेज आंधी से दूसरी बार घटी घटना
अचानक आई तेज आंधी की वजह से सात दिन पहले शहर के पाली रोड स्थित दीनदयाल बस स्टैंड परिसर में एक विशाल नीम के पेड़ के नीचे दबने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। आंधी-तूफान के कारण यह दूसरी बड़ी घटना है।
पुलिस का क्या कहना है
तेज आंधी की वजह से सूसवाड़ा की आदिवासी बस्ती में दुखद घटना घटित हुई है। घायल को जिला अस्पताल भिजवाया गया है। मौके पर पंचनामा तैयार कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है, जांच की जा रही है।
धर्मेंद्र मालवीय, थाना प्रभारी, आवदा
