नई दिल्ली। देश भर में नीट (NEET) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के खिलाफ जारी राष्ट्रव्यापी छात्र आंदोलन और संसद में जारी भारी हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक संपन्न हो गई है। कैबिनेट बैठक में पेपर लीक रोकने, दोषियों पर शिकंजा कसने और सजा के कड़े प्रावधानों से जुड़े अति-महत्वपूर्ण विधेयक (Bill) के मसौदे को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट की बैठक समाप्त होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच आगे की विधायी रणनीति को लेकर एक अहम बैठक भी आयोजित की गई। इस नए कड़े कानून के विधेयक को अगले हफ्ते संसद के चालू सत्र में पेश किए जाने की पूरी संभावना है।
संगठित अपराध पर 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये के भारी जुर्माने का प्रावधान
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए इस नए विधेयक में पेपर लीक को एक गंभीर और संगठित अपराध (Organized Crime) की श्रेणी में रखा गया है। बिल के मसौदे में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि यदि कोई गिरोह या संस्था संगठित तरीके से पेपर लीक कराने या धांधली में लिप्त पाई जाती है, तो दोषियों को न्यूनतम 10 साल की सख्त कैद और 10 करोड़ रुपये तक के भारी जुर्माने की सजा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, मामलों के त्वरित और समयबद्ध निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Courts) के गठन को भी मंजूरी दी गई है।
23 जुलाई की रात पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में दिए थे कड़े संकेत
गौरतलब है कि इस ऐतिहासिक कैबिनेट बैठक से ठीक एक दिन पहले, 23 जुलाई 2026 की देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष 3 मिनट का वीडियो संदेश जारी कर इस बड़े कानूनी कदम के संकेत दे दिए थे। पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा था, “पेपर लीक कोई मामूली विषय या घटना नहीं है। इसने देश के लाखों होनहार छात्रों और उनके माता-पिता को गहरा मानसिक दुख पहुँचाया है।”
प्रधानमंत्री ने देश को आश्वस्त किया था कि सरकार इस समस्या को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और भविष्य में किसी भी परीक्षा की शुचिता भंग न हो, इसके लिए एक अभेद्य और मजबूत कानूनी व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को बिना देरी किए फास्ट ट्रैक कोर्ट की रूपरेखा तैयार करने के सख्त निर्देश दिए थे।
नीट लीक मामले में 13 गिरफ्तारियां
पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसियों ने नीट (NEET) पेपर लीक मामले में अब तक कुल 13 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसी बीच, केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी एक बड़ा और कड़ा फेरबदल किया है। गुरुवार को केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग (Department of Higher Education) में नया नेतृत्व तैनात किया है। वर्ष 1994 बैच के राजस्थान कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्होंने विनीत जोशी का स्थान लेते हुए तुरंत प्रभाव से अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। अब सभी की नजरें अगले सप्ताह संसद में पेश होने वाले इस ऐतिहासिक बिल पर टिकी हुई हैं।
