सागर। सागर जिले की बंडा तहसील में नकली शराब पीने से हुई मौतों के मामले ने प्रदेशभर में सनसनी फैला दी है। गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों में हुई मौतों के बाद राज्य शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए आबकारी और पुलिस विभाग के कई अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है।
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से ग्वालियर मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। वहीं सहायक आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते तथा आबकारी उप निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है।
मामले में पुलिस विभाग पर भी कार्रवाई की गई है। गूगरा चौकी प्रभारी और बंडा थाना प्रभारी को भी निलंबित कर दिया गया है। शासन का मानना है कि क्षेत्र में अवैध एवं नकली शराब के कारोबार पर प्रभावी निगरानी नहीं रखी गई, जिसके चलते यह गंभीर घटना सामने आई।
घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें जांच में जुटी हुई हैं। शराब के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं और अवैध शराब के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नकली शराब कांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। मृतकों के परिजनों में गहरा शोक और आक्रोश है, जबकि ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों को उचित सहायता देने की मांग की है। शासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
