छतरपुर। छतरपुर और पन्ना जिले की सीमा को जोड़ने वाला केन नदी पर बना पुल इन दिनों हादसों को न्योता दे रहा है। करीब 500 मीटर लंबा यह पुल 60 साल से अधिक पुराना हो चुका है और अब पूरी तरह से जर्जर हालत में पहुंच गया है। पुल की सतह पर हजारों गड्ढे बन गए हैं, डामर उखड़ चुका है और जगह-जगह सरिया तक बाहर निकल आई है।
बताया जा रहा है कि इस पुल से प्रतिदिन छोटे-बड़े मिलाकर लगभग पांच हजार वाहनों का आवागमन होता है। पन्ना, अजयगढ़, पवई से छतरपुर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह मुख्य मार्ग है। पुल की खस्ता हालत के कारण वाहन चालकों को हर पल हादसे का डर बना रहता है। बाइक सवार और ऑटो चालक सबसे ज्यादा परेशान हैं, कई बार गड्ढों में फंसकर पलटने की नौबत आ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद लोक निर्माण विभाग ने सिर्फ खानापूर्ति की है। बरसात में गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ जाता है, रात के समय तो यहां से निकलना जान जोखिम में डालने जैसा है।
ग्रामीणों और वाहन चालकों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि इस महत्वपूर्ण पुल का तत्काल निरीक्षण कर मरम्मत कराई जाए और लंबे समय के लिए नए उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जाए, ताकि हजारों लोगों की जान-माल की सुरक्षा हो सके।
