दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से दोस्ती और कानून के अनोखे टकराव का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां जन्मदिन की पार्टी नहीं देने और तय समय पर फोन नहीं उठाने से नाराज एक युवक ने अपने ही जिगरी दोस्त को वकील के माध्यम से रजिस्टर्ड लीगल नोटिस भेज दिया।
मामला विवेकानंद नगर निवासी 32 वर्षीय विशाल सिंह राजपूत और दमोह सिविल कोर्ट के अधिवक्ता गोविंद तिवारी से जुड़ा है। दोनों के बीच लंबे समय से गहरी दोस्ती बताई जा रही है।
दरअसल, 10 अगस्त को गोविंद तिवारी का जन्मदिन था। विशाल और उनके अन्य दोस्तों ने मिलकर जन्मदिन मनाया। इस दौरान गोविंद ने दोस्तों को पार्टी देने का वादा किया था। लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी जब पार्टी नहीं मिली, तो दोस्तों ने शिकायत की।
इसके बाद 19 अगस्त को दोनों के बीच लिखित इकरारनामा हुआ, जिसमें 23 अगस्त की शाम 7 से 9 बजे के बीच पार्टी देने का समय तय किया गया।
विशाल का आरोप है कि वह 23 अगस्त को पार्टी के इंतजार में दोपहर का खाना तक नहीं खाया और शाम की दावत के लिए इंतजार करता रहा। लेकिन शाम 7 बजे और फिर 8 बजे फोन करने के बावजूद गोविंद ने फोन नहीं उठाया और पार्टी भी नहीं दी।
आरोप है कि इसके बाद विशाल की तबीयत बिगड़ गई। रात करीब 10 बजे उसे मजबूरी में एक होटल में खाना खाना पड़ा, जिस पर 1,750 रुपये खर्च हुए। इसके बाद सीने में दर्द और मानसिक परेशानी की शिकायत के चलते उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से जबलपुर रेफर करने की सलाह दी गई। बाद में निजी डॉक्टर से इलाज कराने पर 39,500 रुपये खर्च होने का दावा किया गया है।
मामला यहीं नहीं रुका। विशाल ने अपने अधिवक्ता कमल सिंह ठाकुर के माध्यम से 31 अगस्त को गोविंद तिवारी को लीगल नोटिस भेज दिया।
नोटिस में होटल और इलाज के खर्च के 41,250 रुपये, साथ ही लीगल नोटिस के खर्च के 2,000 रुपये, यानी कुल 43,250 रुपये सात दिन के भीतर चुकाने की मांग की गई है।
नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो अदालत में कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब दोस्ती में जन्मदिन की पार्टी का यह मामला दमोह में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, लीगल नोटिस में लगाए गए आरोपों और दावों की अंतिम कानूनी वैधता का फैसला संबंधित न्यायिक प्रक्रिया में ही होगा।
