गरीबों को देने के लिए सरकार ने समर्थन मूल्य पर 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गेहूं खरीदा था। 35 गोदामों में रखा गेहूं घुन लगने से खराब हुआ है। इसकी कुल कीमत 1354.55 करोड़ रुपए आंकी गई है।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के पीपलबे स्थित प्रभुकृपा परिसर के श्री यादव गोदाम में रखे 51 हजार 602.01 मैट्रिक टन गेहू में घुन (कीट) लग गया, जिससे गेहूं पूरी तरह से खराब हो गया। इस की कीमत 1354.55 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस गेहूं को 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से शासन ने समर्थन मूल्य पर खरीदा था। इस गेहूं को शासन के द्वारा गरीबों को वितरित किया जाना था। इस पूरे मामले का खुलासा भारतीय खाद्य निगम यानी मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड की रिपोर्ट में हुआ। FCI की निरीक्षण रिपोर्ट में सामने आया कि करीब 35 गोदामों में रखा गेहूं घुन लगने और बुरादा बन गया है। जिसके बाद इस गेहूं को कीट मुक्त एवं पेजफ्री करने के निर्देश दिए।
सुरक्षित नहीं रह पाया गेहूं
राजगढ़ जिले में विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य गेहूं की किसानों से खरीदी की गई थी। इसके बाद इस गेहूं को मध्यप्रदेश वेयर हाउस एंड लॉजिस्टिक कॉपॉरेशन द्वारा जिन निजी गोदामों में किराए पर रखवाया गया था। वहां 81 रुपए प्रति मेट्रिक टन के हिसाब से भुगतान किया जाता था। विभाग अनाज की मात्रा के हिसाब से प्रति माह करीब 5 से 12 लाख रूपए किराए का भुगतान करता था। इसके बावजूद गोदामों में रखा अनाज खराब हो गया।
32 गोदामों में रखे गेहूं में लगा घुन
मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन लिमिटेड की रिपोर्ट के अनुसार राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ के ममता वेयरहाउस (49) में 1500 मी.टन, माही सरिता (47) में 1500, जयश्री (42) में 1200, विनायक (43) में 1500, गुरुकृपा (44) में 500, इंडियन (46) में 1000, बाबारामदेव (30) में 2000, एमएल वेयरहाउस (29 ए) खीमाखेड़ी में 1667, भारत (44) में 2740, ब्यावरा के गायत्री (52) में 2000, पीईजी (01) में 2000, मां पार्वती (48) में 2083, प्रभु वेयरहाउस (51) में 1300, राम लॉजिस्टिक (54) में 3660, नरसिंहगढ़ के ही अनंत (67) में 676, अनंत (66) में 1000, लक्ष्मी (62) में 1000, लक्ष्मी (53) में 1000, महा(54) में 1000, योगऋषि 600, सालिगराम में 3000, प्रशवनाथ (16) में 911, मां जालपा (11) में 3035, खिलचीपुर के श्रीराम वेयरहाउस (11) में 3443, मां जालपा (16) में 3203, श्रीशक्ति (12) में 4603 और ब्यावरा के ही एसपीएस (53) में 3977, यादव (22) में 2992, सलूजा (50) में 4106, बालाजी (21) में 1204 और राधा कृष्णा (69) 1602, गुप्ता (39) में 2000 और लक्ष्मी वेयरहाउस गादिया (07) में 1384.87 मीट्रिक टन गेहूं में कीट लगा पाया गया है।
क्यों नहीं हो रही कार्रवाई
राजगढ़ जिले में करोड़ों के गेहूं में कीट लग जाने का मामला सामने आने के बाद भी उच्च अधिकारियों तक भी इस मामले की जानकारी है, लेकिन इस मामले में अधिकारी कार्रवाई नहीं करने के साथ ही बोलने से भी बचते नजर आ रहे है।
कीट मुक्त करने का किया जाएगा काम
वेयर हाउस कॉपरेशन के प्रबंधक प्रेमनारायण केसरिया ने बताया कि किटनाशक व गोलियां रखवाकर स्ट्रैक को कवर कराकर अनाज को कीट मुक्त कराने का काम किया जाएगा। बार-बार पानी गिरने के कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न होती है।
