प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अपने शासन के 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं. 26 मई 2014 में सत्ता संभालने के बाद मोदी सरकार ने शासन, अर्थव्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में कई बड़े कार्यक्रम शुरू किए. सरकार का दावा है कि इन योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है और भारत को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाया है. इन 12 वर्षों में सैकड़ों योजनाएं शुरू हुईं, लेकिन कुछ योजनाएं ऐसी रहीं जिन्होंने देश की विकास यात्रा की दिशा ही बदल दी. आइए जानते हैं मोदी सरकार के 12 वर्षों की 12 सबसे प्रमुख योजनाओं के बारे में
1. प्रधानमंत्री जनधन योजना: बैंकिंग को गांव-गांव तक पहुंचाया
मोदी सरकार की सबसे चर्चित योजनाओं में प्रधानमंत्री जनधन योजना शामिल है. 2014 में शुरू हुई इस योजना का मकसद हर परिवार को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ना था. आज करोड़ों जनधन खाते खुल चुके हैं. इसी नेटवर्क ने कोरोना काल में सीधे लाभ हस्तांतरण (DBT) को सफल बनाने में बड़ी भूमिका निभाई.
2. उज्ज्वला योजना: धुएं से मुक्ति का अभियान
2016 में शुरू हुई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया. इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक चूल्हों से होने वाले धुएं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम करना था. सरकार के अनुसार करोड़ों परिवार इस योजना से लाभान्वित हुए हैं.
3. आयुष्मान भारत: गरीबों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा कवच
2018 में शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गिनी जाती है. इसके तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है. इस योजना ने गरीब और निम्न आय वर्ग के लोगों के इलाज का खर्च कम करने में मदद की है.
4. स्वच्छ भारत मिशन: जन आंदोलन में बदला सफाई अभियान
2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुए स्वच्छ भारत मिशन ने देश में स्वच्छता को राष्ट्रीय अभियान बना दिया. ग्रामीण क्षेत्रों में करोड़ों शौचालय बनाए गए. खुले में शौच मुक्त (ODF) अभियान ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाई.
5. पीएम आवास योजना: पक्के घर का सपना पूरा
प्रधानमंत्री आवास योजना का लक्ष्य गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है. ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में इस योजना के तहत बड़ी संख्या में मकान बनाए गए हैं. सरकार इसे हर परिवार को आवास के लक्ष्य से जोड़कर देखती है.
6. डिजिटल इंडिया: बदल गया सरकारी सेवाओं का चेहरा
2015 में शुरू हुआ डिजिटल इंडिया अभियान भारत के डिजिटल परिवर्तन की आधारशिला बना. ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान, ई-गवर्नेंस और इंटरनेट कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला. आज यूपीआई से लेकर डिजिलॉकर तक कई डिजिटल प्लेटफॉर्म इसी पहल का विस्तार माने जाते हैं.
7. पीएम किसान सम्मान निधि: किसानों के खाते में सीधी मदद
2019 में शुरू हुई पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है. यह योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए महत्वपूर्ण आय सहायता कार्यक्रम बन चुकी है.
8. जल जीवन मिशन: हर घर तक नल से जल
2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों तक पाइप से पीने का पानी पहुंचाना है. आज लाखों गांवों में पेयजल कनेक्शन का विस्तार हुआ है. यह योजना ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है.
9. मेक इन इंडिया: विनिर्माण शक्ति बनने की कोशिश
2014 में शुरू हुए मेक इन इंडिया अभियान का लक्ष्य भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाना था. रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल निर्माण और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया गया. हाल के वर्षों में मोबाइल निर्माण क्षेत्र में भारत की सफलता को इसी पहल से जोड़कर देखा जाता है.
10. स्टार्टअप इंडिया: नए उद्यमियों को मिला मंच
2016 में लॉन्च हुई स्टार्टअप इंडिया योजना ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा दिया. देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से बढ़ा. भारत आज दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप हब में शामिल है. युवा उद्यमियों को वित्तीय और नीतिगत सहायता देने में इस कार्यक्रम की अहम भूमिका रही.
11. पीएम गति शक्ति: इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का नया मॉडल
2021 में शुरू हुई पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का उद्देश्य सड़क, रेल, बंदरगाह, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एकीकृत करना है. इस योजना के जरिए परियोजनाओं के बेहतर समन्वय और तेजी से क्रियान्वयन पर जोर दिया गया. विशेषज्ञ इसे भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का नया मॉडल मानते हैं.
12. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को पिछले तीन दशकों में शिक्षा क्षेत्र का सबसे बड़ा सुधार माना गया. इसमें स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक व्यापक बदलाव प्रस्तावित किए गए. नई शिक्षा नीति का लक्ष्य कौशल, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था तैयार करना है.
योजनाओं से बदला शासन का मॉडल
मोदी सरकार की योजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता तकनीक आधारित निगरानी और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण रही है. जनधन, आधार और मोबाइल (JAM) तंत्र ने सरकारी सहायता को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसी मॉडल की वजह से सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता बढ़ने का दावा किया जाता है.
विकसित भारत के लक्ष्य की ओर
12 वर्षों में शुरू की गई इन योजनाओं का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में दिखाई देता है. कहीं बैंकिंग पहुंच बढ़ी, कहीं स्वास्थ्य सुरक्षा मजबूत हुई. कहीं महिलाओं को सशक्त बनाया गया तो कहीं डिजिटल क्रांति को गति मिली. हालांकि, इन योजनाओं की सफलता और चुनौतियों को लेकर राजनीतिक बहस भी जारी रहती है, लेकिन इतना तय है कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार की नीतियों ने शासन और विकास के कई पारंपरिक ढांचों को बदल दिया है. वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में मोदी सरकार के 12 वर्षों की ये 12 योजनाएं उस बड़े विजन की आधारशिला के रूप में देखी जा रही हैं, जिसने देश की विकास यात्रा को नई दिशा देने का प्रयास किया है.
