गौ रक्षक और पशु चिकित्सक प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने गाय की जांच की. जांच में पता चला कि गाय को तेज बुखार था, जिसके चलते वह चक्कर लगा रही थी.चिकित्सक ने बताया कि बुखार अंतिम अवस्था तक पहुंच गया था. गाय को तत्काल दवा दी गई.
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले के गिलौला के बसभरिय पुरैना गांव स्थित एक खेत में बेसहारा गाय करीब 120 धंटे से खेत के चारों ओर घूम-घूमकर चक्कर लगा रही है. इसे देखकर ग्रामीण गाय पर किसी देवी-देवता का असर मान रहे हैं. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. बसभरिया पुरैना निवासी सोनू मिस्त्री के खेत में शुक्रवार 11 बजे से एक बेसहारा गाय चारों दिशाओं में घूम-घूमकर चक्कर लगा रही है.
पानी पीने के अलावा गाय ने कुछ भी नहीं खाया
गाय पानी पीले के लिए अलावा कुछ भी नहीं खा रही है. खेत में गाय को चक्कर लगाते देख ग्रामीण भयभीत हैं. वहीं पशु चिकित्सक ने बताया है कि गाय को किसी भी तरह की बीमारी नहीं है, वह बिल्कुल स्वस्थ हैं. वहीं अब लोग उसी जगह पर भंडारे का आयोजन कराने की तैयारी कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गाय को अगर खेत से हांक दो तो दूसरे खेत में चक्कर लगाने लगती और फिर उसी खेत में आ जाती है और फिर से चक्कर लगाने लग जाती है.
गाय पानी पीले के लिए अलावा कुछ भी नहीं खा रही है. खेत में गाय को चक्कर लगाते देख ग्रामीण भयभीत हैं. वहीं पशु चिकित्सक ने बताया है कि गाय को किसी भी तरह की बीमारी नहीं है, वह बिल्कुल स्वस्थ हैं. वहीं अब लोग उसी जगह पर भंडारे का आयोजन कराने की तैयारी कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है कि गाय को अगर खेत से हांक दो तो दूसरे खेत में चक्कर लगाने लगती और फिर उसी खेत में आ जाती है और फिर से चक्कर लगाने लग जाती है.
बुखार के चलते चक्कर लगा रही है गाय
गौ रक्षक और पशु चिकित्सक प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने गाय की जांच की. जांच में पता चला कि गाय को तेज बुखार था, जिसके चलते वह चक्कर लगा रही थी. चिकित्सक ने बताया कि बुखार अंतिम अवस्था तक पहुंच गया था. गाय को तत्काल दवा दी गई. चिकित्सक ने ग्रामीणों को सलाह दी कि गाय को दो-तीन घंटे तक बांधकर रखें और उसे गुड़ खिलाएं.
गौ रक्षक और पशु चिकित्सक प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने गाय की जांच की. जांच में पता चला कि गाय को तेज बुखार था, जिसके चलते वह चक्कर लगा रही थी. चिकित्सक ने बताया कि बुखार अंतिम अवस्था तक पहुंच गया था. गाय को तत्काल दवा दी गई. चिकित्सक ने ग्रामीणों को सलाह दी कि गाय को दो-तीन घंटे तक बांधकर रखें और उसे गुड़ खिलाएं.
गाय की दोबारा होगी जांच
चिकित्सक के अनुसार दवा का असर दो से तीन घंटे में दिखने लगेगा और गाय को आराम मिल जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर गाय की दोबारा जांच की जाएगी. पशु चिकित्सक के समय पर पहुंचने और सही निदान से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली. इससे गांव में विभिन्न अफवाहों पर भी विराम लग गया. अब देखना होगा कि गाय कितने समय में सामान्य अवस्था में होती है.
