भोपाल के एक 64 वर्षीय सीनियर कंसल्टेंट को मैरिज ब्यूरो के माध्यम से शादी का झांसा देकर 10.50 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया।
भोपाल। 64 वर्ष की उम्र में दूसरी शादी के लिए मैरिज ब्यूरो से संपर्क करना भोज विश्वविद्यालय के सीनियर कंसल्टेंट को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने वैवाहिक वेबसाइट और मैरिज ब्यूरो के माध्यम से उन्हें झांसा देकर ठगी का शिकार बना लिया।
पहले तो उनसे 60 वर्षीय विधवा महिला के नाम से संपर्क किया, फिर पारिवारिक संकट और इलाज का हवाला देकर कई बार में 10.50 लाख रुपये ऐंठ लिए, फिर एक दिन ठग ने खुद को महिला का रिश्तेदार बताकर फोन पर बताया कि जिससे आप शादी करना चाहते थे, उस महिला की मौत हो चुकी है, इसलिए बात खत्म।
भोपाल साइबर क्राइममें दर्ज कराई शिकायत
पीड़ित संजय गुलाटी ने भोपाल साइबर क्राइम शाखा में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उन्होंने 29 मार्च को मैरिज ब्यूरो का विज्ञापन देखा था, जिसमें इंदौर निवासी 60 वर्षीय कविता शर्मा के लिए वर की आवश्यकता बताई गई थी।
कविता को महिला एवं बाल विकास विभाग से सेवानिवृत्त सुपरवाइजर बताया गया। संजय गुलाटी ने विवाह के उद्देश्य से 150 रुपये शुल्क जमा करके मैरिज ब्यूरो में पंजीयन कराया।
इसके बाद ब्यूरो संचालकों ने कांफ्रेंस काल के माध्यम से उनकी बातचीत कविता नाम बताकर किसी महिला से करवाई। दोनों के बीच नियमित बातचीत शुरू हो गई। महिला ने खुद को विधवा बताते हुए कहा कि उसके पति की पांच वर्ष पूर्व लिवर कैंसर से मृत्यु हो चुकी है।
उसके माता-पिता नहीं हैं और नागपुर में उसकी बहन तथा बहनोई रहते हैं।चार अप्रैल को होना थी पहली मुलाकात-दोनों की चार अप्रैल को इंदौर में मुलाकात तय हुई थी, लेकिन दो अप्रैल को महिला ने संदेश भेजकर बताया कि उसके बहनोई की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है, जबकि बहन गंभीर रूप से घायल है।
इलाज के लिए तत्काल रुपयों की आवश्यकता बताते हुए 50 हजार रुपये मांगे। विश्वास में आ चुके संजय गुलाटी ने मदद के लिए राशि भेज दी।
खर्चों का हवाला देकर मांगती रही पैसे
इसके बाद महिला लगातार अस्पताल, दवाइयों और अन्य खर्चों का हवाला देकर रुपये मांगती रही। भावनात्मक बातचीत और शादी के वादों के चलते पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 10 लाख 50 हजार रुपये महिला के बताए खातों में जमा करा दिए।
फोन आया कि महिला की हो चुकी है मौतरकम ऐंठने के बाद महिला ने संजय से बातचीत कम कर दी थी। मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब दो मई को एक महिला ने स्वयं को कविता की ननद बताते हुए फोन किया और कहा कि कविता की मृत्यु हो चुकी है।
इसके साथ ही आगे कोई संपर्क न करने को कहा। इसके बाद सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने कोलार थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और मैरिज ब्यूरो से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर जांच कर रही है।
