मध्य प्रदेश पुलिस ने राजधानी भोपाल और उज्जैन में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने 20 ट्रैक्टर सहित कुल 25 वाहन जब्त किए हैं, जिनकी कीमत ढाई करोड़ से ज्यादा आंकी गई है। राज्य पुलिस ने उज्जैन एवं भोपाल पुलिस द्वारा संगठित धोखाधड़ी गिरोहों का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर 20 ट्रैक्टर, एक एक्सयूव्ही , दो बोलेरो एवं दो इनोवा कार सहित लगभग दो करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस को बड़ी सफलता उज्जैन जिले के थाना भाटपचलाना में मिला जहां पुलिस द्वारा किसानों के साथ ट्रैक्टर की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से लगभग एक करोड़ 80 लाख रुपए मूल्य के 20 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना भाटपचलाना क्षेत्र में किसानों द्वारा ट्रैक्टर धोखाधड़ी एवं ट्रैक्टर वापस न करने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध पंजीबद्ध कर तत्काल विशेष टीम गठित कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस के मुताबिक, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपी रफीक पिता गनी मोहम्मद निवासी ग्राम माधीपुरा को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने उज्जैन, इंदौर, धार एवं रतलाम जिलों के विभिन्न क्षेत्रों से 20 ट्रैक्टर जब्त किए हैं।
पुलिस की विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले किसानों को निशाना बनाकर उन्हें ट्रैक्टर पर अधिक मासिक किराया देने का लालच देता था। इस प्रलोभन में आकर किसान अपने ट्रैक्टर आरोपी को सौंप देते थे। आरोपी ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें अन्य जिलों के दूरस्थ क्षेत्रों में बेच देता या गिरवी रख देता था। वह न तो किसानों को कोई किराया देता था और न ही ट्रैक्टर वापस करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने मोबाइल नंबर बदलता रहता था तथा अपने निवास स्थान से भी फरार रहता था।
इसी तरह राजधानी भोपाल के थाना अयोध्यानगर पुलिस ने किराए पर वाहन लगवाने का झांसा देकर चार पहिया वाहन बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक महिन्द्रा एक्सयूव्ही , दो बुलेरो एवं दो इनोवा कार सहित कुल पांच चार पहिया वाहन (कीमत लगभग 80 लाख रुपए) जब्त किए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी द्वारा वाहन को एयरपोर्ट पर किराए से लगवाने का झांसा देकर अनुबंध के माध्यम से वाहन लिया गया तथा प्रारंभिक अवधि में किराया देने के बाद वाहन को भोपाल लाकर अन्य व्यक्तियों को सस्ते दामों पर बेच दिया गया। शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर टीकमगढ़, सागर एवं दमोह जैसे जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों के वाहन मालिकों को सरकारी विभाग में वाहन लगवाकर अधिक किराया देने का लालच देते थे। उसके बाद वाहनो को भोपाल लाकर गिरोह उन्हें मजबूरी बताकर कम कीमत में अन्य व्यक्तियों को बेच देते थे। गिरोह के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है तथा प्रकरण में और भी वाहनों की बरामदगी की संभावना है
