गाय का कटा सिर और गौवंश के अवशेष मिलने के मामले को लेकर बुधवार को सर्व हिंदू समाज एवं विभिन्न हिंदू संगठनों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अवैध डेरों (झोपड़ियों) को हटाने की मांग को लेकर नगर निगम कार्यालय का घेराव किया गया।
रतलाम। शहर के राजीव गांधी सिविक सेंटर क्षेत्र में 28 मई को गाय का कटा सिर और गौवंश के अवशेष मिलने के मामले को लेकर बुधवार को सर्व हिंदू समाज एवं विभिन्न हिंदू संगठनों ने नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अवैध डेरों (झोपड़ियों) को हटाने की मांग को लेकर नगर निगम कार्यालय का घेराव किया गया। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने नगर निगम कार्यालय के मुख्य गेट को बंद कर तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था तैनात कर दी।
सर्व हिंदू समाज के बैनर तले बड़ी संख्या में लोग रैली निकालकर नगर निगम पहुंचे और कार्यालय में प्रवेश करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बाहर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर धरने पर बैठ गए और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान निगम आयुक्त अनिल भाना के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारी निगम आयुक्त को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया था
मालूम हो कि 28 मई को सिविक सेंटर क्षेत्र में साठिया समाज की झोपड़ियों के पास गाय का कटा सिर और गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया था। बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने गाय का कटा सिर लेकर लोकेंद्र टॉकीज चौराहे पर चक्काजाम किया था। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया था। करीब पांच घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद आरोपितों पर कार्रवाई और क्षेत्र से अवैध कब्जे हटाने की मांग की गई थी।
तीन लोगों को गिरफ्तार किया था
मामले में पुलिस ने उसी दिन तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि हिंदू संगठनों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा आठ दिन में अवैध डेरों को हटाने का आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि तहसीलदार द्वारा कार्रवाई पूरी कर नगर निगम को तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन नगर निगम की ओर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसी के विरोध में बुधवार को नगर निगम घेराव और प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हुज्जत हुई। करीब दो घंटे तक एसडीएम आर्ची हरित ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र सिंह पंवार को तत्काल हटाने की मांग करने लगे। इसके बाद कार्यकर्ता उग्र होकर निगम कार्यालय के गेट की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक प्रशासन की ओर से स्पष्ट जवाब और कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
