
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के पुजारी पुनीत भट्ट की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं.दहेज प्रताड़ना समेत गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। पुनीत भट्ट की पत्नी इंदिरा भट्ट ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर उन्हें मंदिर के पुजारी पद से हटाने की मांग की है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बावजूद धार्मिक पद पर बने रहना न केवल मंदिर की गरिमा पर सवाल खड़ा करता है. इसी बीच उनकी पत्नी इंदिरा भट्ट ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर मामले को नया मोड़ दे दिया है
इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर के पुजारी पुनीत भट्ट की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. दहेज प्रताड़ना समेत गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है. पुनीत भट्ट की पत्नी इंदिरा भट्ट ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर उन्हें मंदिर के पुजारी पद से हटाने की मांग की है। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होने के बावजूद धार्मिक पद पर बने रहना न केवल मंदिर की गरिमा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि जांच प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, जिससे यह विवाद अब हाई-प्रोफाइल रूप लेता जा रहा है
इंदिरा भट्ट हाल ही में कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और उन्होंने प्रशासन को एक लिखित शिकायत सौंपी है. शिकायत में उन्होंने कहा कि उनके पति पुनीत भट्ट के साथ-साथ सास, ससुर और ननद के खिलाफ भी गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज हैं। ऐसे में धार्मिक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण पद पर उनका बने रहना उचित नहीं माना जा सकता. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुजारी पद की सामाजिक प्रतिष्ठा और प्रभाव का उपयोग जांच को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है.
कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं पत्नी

शिकायत में इंदिरा भट्ट ने मंदिर अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि जिन लोगों पर गंभीर आपराधिक आरोप हों, उन्हें जांच पूरी होने तक धार्मिक जिम्मेदारियों से दूर रखा जाना चाहिए. इससे न केवल जांच निष्पक्ष रहेगी, बल्कि धार्मिक संस्थानों की साख भी बनी रहेगी.मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. अपर कलेक्टर रोशन राय ने पुष्टि करते हुए कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है. उसकी जांच शुरू कर दी गई है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा.
प्रशासन ने शुरू की जांच
खजराना गणेश मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र माना जाता है. ऐसे में मंदिर से जुड़े पुजारी पर लगे आरोप और उन्हें पद से हटाने की मांग ने धार्मिक, सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में बहस छेड़ दी है. कुछ लोग इसे पारिवारिक विवाद का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कई लोगों का कहना है कि धार्मिक पदों पर बैठे व्यक्तियों की जवाबदेही सामान्य लोगों से अधिक होती है.अब सबकी निगाहें प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं. यदि जांच में शिकायत के बिंदु गंभीर पाए जाते हैं, तो खजराना मंदिर प्रबंधन और पुजारी पद को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आ सकता है. फिलहाल यह मामला इंदौर में चर्चा और बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है.
