छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ईशानगर स्वास्थ्य केंद्र से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि बीमार नवजात को समय पर एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। परिजनों का कहना है कि उनसे पैसे मांगे गए और एम्बुलेंस नहीं मिलने पर मजबूरन नवजात को बाइक से दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा। रास्ते में ही मासूम की मौत हो गई।
मृतक नवजात के परिजनों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर भी समय पर मौजूद नहीं रहते, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि यदि समय पर इलाज और एम्बुलेंस की सुविधा मिल जाती, तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।
यदि परिजनों के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
