ग्राम पंचायत सरकना का मामलाः बिना तस्वीर कई कामों में अपलोड, फर्जी हाजिरी से दिखाई गई मजदूरी,जियो-टैग के नाम पर फर्जी हाजिरी, शासकीय राशि की खुली लूट,बिना तस्वीर कई कामों में अपलोड, फर्जी हाजिरी से दिखाई गई मजदूरी
छतरपुर| महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी जी राम जी योजना (मनरेगा) में पारदर्शिता के नाम पर चल रही प्रक्रिया में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बड़ामलहरा जनपद की ग्राम पंचायतों में जियो-टैग फोटो के जरिए कामगारों की उपस्थिति दर्ज करने में धांधली की गई है। कार्य स्थल पर पहुंचे मीडिया कर्मियों पाया गया कि बिना फोटो को कई कार्यों में अपलोड कर मजदूरों की फर्जी हाजिरी दिखाई गई है।
यह खुलासा मनरेगा मीडिया कर्मियों ने मौके पर जाकर कार्यों को देखा अपलोड तस्वीरों की पड़ताल से हुआ। रिपोर्ट और ‘ में देखा गया कि ग्राम पंचायत सरकना में बिना फोटो अलग-अलग कार्य कोड और मस्टर रोल नंबर पर अपलोड की गई हैं।
एक पुरानी कई सप्ताह फोटो अपलोड कर निकाली जा रही राशि, घोटाला उजागर
शासन ने भले ही योजनाओं में ऑनलाइन प्रक्रिया व हितग्राहीयों के सीधे खातो में राशि डाल कर अपनी व्यवस्थाओ को मजबूती व हितग्राहियों के लाभ के लिए सुविधाएं दुरुस्त कर दी है लेकिन फर्जीवाड़ा, गबन भ्रष्टाचार को रोकने में केंद्र व राज्य सरकारें पूर्णरूप से नाकाम रहीं हैं। जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी अपनी अपनी जिम्मेदारी, नाकामी छुपाने के लिए शासन को गलत रिपोर्ट भेजते रहते है।
जनपद पंचायत बड़ामलहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत सरकना में मनरेगा अंतर्गत प्रगतिरत सार्वजनिक एवं हितग्राही मूलक कार्यों में मस्टरों पर फर्जी मजदूरो की हाजिरी भरकर और फर्जी फोटो अपलोड कर राशि निकाली जा रहीं है एवं उपमंत्री, सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक द्वारा राशि का बंदरबांट किया जा रहा है जबकि ग्राम पंचायत में ऐसे लोगों के नाम मस्टरों में दर्ज हैं जो बहुत कम अपने घरों से बाहर निकलते है, कुछ गांव के बाहर है, कुछ लोग जो अपने घरों व खेती का ही काम नहीं करते और कुछ दुकानदार, व्यवसायी, प् है जबकि किसी भी पंचायत में वास्तविक रूप सार्वजनिक कार्यों में एक भी मजदूर कार्य नहीं कर रहा है
एक से तीन दर्जन लोगों की फर्जी फोटो खींचकर मस्टरों पर रोज सैकड़ों मजदूरो के फर्जी नाम दर्ज कर शासकीय राशि का भारी दुरूपयोग किया जा रहा है।जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत में उपयंत्री सरपंच सचिव जनपद सीईओ की मिली भगत से लगातार फर्जी मस्टर डाले जा रहे हैं ग्राम पंचायत सरकना में फर्जी मस्टर डालकर राशि निकाली जा रही है।
उपयंत्री जनपद सीईओ बिना निरीक्षण करें उपयंत्री द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में चल रही कार्य का निरीक्षण नहीं किया जाता आफीसर में बैठकर ही मस्टर चढ़ा दिए जाते हैं ताजा मामला ग्राम पंचायत सरकना गांव का है जहां पर फर्जी हाजिरी भरकर अपने चहेते ऐसे लोगों के नाम पैसा निकाला जा रहा है जो कभी काम करने गए ही नहीं आलम तो यह है कि प्रधान रोजगार के द्वारा अपने निजी व व्यक्तिगत लोगों को कभी मजदूर तो कभी पानी पिलाने वाला और मिस्त्री दिखाकर हजारों रुपए उनके खाते से ट्रांसफर करके कमाई की जा रही है ग्राम पंचायत सरकना में मजदूरी करने वाले मनरेगा मजदूरों को दिए गए भुगतान पर एक नजर डालें तो लगभग 50 प्रतिशत लोग ऐसे हैं।
जो कभी घर से बाहर नहीं गए और उनके नाम 100 दिन या उससे कम कुछ दिन 46 दिन का भुगतान निकल गया है वहीं कुछ लोग ऐसे भी दिखे कार्यस्थल पर जो घूमने टहलने गए। ग्राम पंचायत सरकना में निर्माण कार्यों में अनियमितताएं और भ्रष्टाचार किया गया जिसकी खबरों में प्रकाशित होने के बाद भी जनपद सीईओ के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है अब पंचायत में फर्जीवाड़ा के मास्टरमाइंडों के विरुद्ध कोई कार्रवाई होगी या फिर फिक्स कमीशन के फेर में मामले को यूं ही दबा दिया जाएगा
