छतरपुर। शहर के बहुचर्चित एमसीएक्स ऑनलाइन सट्टा और सूदखोरी के आत्मघाती दलदल में फंसकर व्यापारी राजेश अग्रवाल द्वारा जान दिए जाने के मामले में छतरपुर पुलिस अब एक्शन मोड में आ चुकी है।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन और कड़े रुख के चलते कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर रफूचक्कर हुए सफेदपोशों के खिलाफ एक ऐसा चौतरफा विधिक व मनोवैज्ञानिक प्रहार किया गया है, जिसने सट्टा किंगडम हड़कंप मच गया है
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी रजत सकलेचा ने इन फरार आरोपियों को समाज के बीच पूरी तरह बेनकाब करने की कड़क रणनीति अपनाई है। आज मुस्तैदी और आक्रामकता का परिचय देते हुए छतरपुर पुलिस की विशेष टीमों ने एसपी के आदेश पर शहर के सबसे व्यस्ततम और संवेदनशील सार्वजनिक स्थलों-मुख्य बस स्टैंड, अपोलो क्रॉस मार्किट, चौबे तिराहा और छत्रसाल चौक पर फरार आरोपियों और सूदखोरों के हुलिए वाले वांटेड पोस्टर चस्पा कर दिए।
इन पोस्टरों में मुख्य आरोपी शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, कल्लू कलई और मोनू उर्फ दीपका अग्रवाल के चेहरे और नाम सरेआम टांग दिए गए हैं। पुलिस कप्तान की इस तीखी और बेखौफ घेराबंदी ने साफ संदेश दे दिया है कि छतरपुर की धरती पर अब अपराधियों और उनके संरक्षकों के लिए छिपने की कोई जगह नहीं बची है।
पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने इन पोस्टरों के जरिए सीधे आम जनता की अदालत से भी संवाद किया है और अपील की है कि इन विधिक भगोड़ों के बारे में कोई भी इनपुट मिलते ही तुरंत पुलिस के आला अफसरों को सूचित करें। कप्तान की इस ताबड़तोड़ और निष्पक्ष कार्रवाई से न सिर्फ फरार चल रहे सट्टा माफियाओं के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है, बल्कि उनके राजनीतिक और सामाजिक आकाओं के भी पसीने छूट रहे हैं।
छतरपुर पुलिस का यह रौद्र रूप साफ करता है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और शहर को इस डिजिटल जुए व सूदखोरी के दीमक से मुक्त कराने के लिए एसपी रजत सकलेचा की खाकी अब किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
