गुना : गुरुवार को किसान का शव रखकर ग्रामीणों ने शहर के प्रमुख चौराहे पर चक्काजाम कर दिया. पीड़ित परिजनों ने पुलिस पर भेदभाव रवैये अपनाने का आरोप लगाया है. आरोन थाना क्षेत्र के बरोद में 35 वर्षीय किसान अशोक यादव ने बुधवार को खौफनाक कदम उठाया. अस्पताल में गुरुवार को उसकी मौत हो गई. गुस्साए लोगों ने दोषी पुलिसकर्मियों व आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
समझाइश के बाद बड़ी मुश्किल से खुला जाम
ग्रामीणों ने गुना के व्यस्ततम हनुमान चौराहे पर शव रखकर वाहनों के पहिए रोक दिए. चौराहे पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा. चारों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. परिजनों के प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बाद बमुश्किल जाम खोला जा सका. पीड़ित भाई संजीव यादव ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा “पुलिस रसूखदारों से साठगांठ कर अन्याय करने वालों का साथ दे रही है. उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई.”
जमीन पर अवैध कब्जे की पुलिस से शिकायत
पीड़ित भाई संजीव यादव ने बताया “मारपीट और फसल उजाड़ने की शिकायत लेकर वे कल भी आरोन थाने गए थे. लेकिन वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई मदद करने के बजाय उल्टा उन्हें डांट-फटकार कर थाने से भगा दिया. उपेक्षा और अपमान से आहत होकर अशोक ने घर के बाहर खौफनाक कदम उठाया. इससे पहले उसने पुलिस से अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए लिखित गुहार लगाई थी. परिजनों के अनुसार पूरा विवाद खेत की मेड़ और जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश को लेकर है.”
परिजनों ने लगाया मारपीट का आरोप
पीड़ित परिजनों का आरोप है “लगभग दो दर्जन लोगों ने मिलकर अशोक को घर से जबरन उठाया और बेरहमी से मारपीट की.” पीड़ित भाई संजीव यादव का कहना है “मारपीट करने वालों में कल्याण सिंह, इंद्रभान, घनश्याम, अंकेश, आदित्य, मुन्ना, राजेश, धर्मवीर सहित अन्य लोग शामिल हैं. इससे पूर्व भी इन लोगों ने जानबूझकर मवेशियों को खेत में घुसाकर अशोक की गन्ने की खड़ी फसल को पूरी तरह तहस-नहस करवा दिया था. तब भी पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकता रहा. लेकिन पुलिस ने एक न सुनी.”
दोनों पक्षों के खिलाफ की थी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
इस मामले में गुना एसपी हितिका वासल का कहना है “दोनों पक्षों के बीच 10 दिन पहले मेड़ को लेकर विवाद हुआ था. जिस पर पुलिस ने प्रतिबंधात्मक और एनसीआर की कार्रवाई की थी. पैर में फ्रैक्चर की बात मेडिकल दस्तावेजों में सामने नहीं आई थी. फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की बारीकी से जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.”
