छतरपुर के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में 6 से ज्यादा छात्राओं से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि गुरुवार दोपहर ये छात्राएं रोती हुई घर लौटीं।
परिजनों से कहा- क्लास में शिक्षक उनके साथ बहुत ही गंदी हरकत करते हैं। मास्टर जी गोद में बिठाते हैं। अंडरगारमेंट्स में हाथ डालते हैं।
घटना धोरी गांव की है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर आरोपी टीचर संजीव चतुर्वेदी के खिलाफ पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
परिजनों का कहना है कि इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आई थीं, लेकिन इस बार छात्राओं की मानसिक स्थिति और डर को देखकर मामला गंभीर लगा। परिवारों ने तय किया कि वे सीधे स्कूल जाकर शिक्षक से बात करेंगे।गुरुवार दोपहर गांव के कई परिजन स्कूल पहुंचे और शिक्षक से जवाब मांगा। माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गया। स्थिति बिगड़ती देख किसी ने डायल 112 पर सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शिक्षक को भीड़ से निकालकर थाने ले गई।
पुलिस शिक्षक संजीव चतुर्वेदी को लेकर ओरछा रोड थाने पहुंची। वहां भी ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। लोगों में आक्रोश था और वे सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे। पुलिस ने हालात को संभालते हुए सभी को शांत कराया।
शिक्षक बोला- मिड-डे मील का विवाद
पुलिस पूछताछ में शिक्षक संजीव चतुर्वेदी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि स्कूल में मिड-डे मील बनाने को लेकर कुछ स्थानीय लोगों से उनका विवाद चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसी विवाद के चलते उन्हें साजिशन फंसाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है। टीचर की उम्र 52 साल है। वह स्कूल में वर्ष 2019 से पदस्थ हैं। अभी एक बच्ची की मां की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है। यदि और छात्राओं या अभिभावकों के बयान सामने आते हैं तो उन्हें भी रिकॉर्ड में लिया जाएगा।
बता दें कि स्कूल में लड़के और लड़कियां दोनों पढ़ते हैं।
गांव के मथुरा प्रसाद कुशवाहा के मुताबिक, “जब दो-तीन बच्चियों ने मिलकर बताया कि मास्टर जी गलत हरकतें करते हैं तो हमने कहा– चलो स्कूल चलते हैं। इसके बाद गांव के लोग एकजुट होकर स्कूल पहुंचे और शिक्षक से सवाल किए, लेकिन मास्टर जी आरोपों से इनकार करते रहे।”
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चियों ने स्कूल में ही सबके सामने साफ तौर पर अपनी बात दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक बच्चों को धमकी देते थे कि अगर घर में किसी को बताया तो पिटाई करेंगे और परीक्षा में फेल कर देंगे।
बच्चे और मास्टर भागवान का रूप होते हैं और यह ऐसे मास्टर जी हैं, जिन्होंने पद की गरिमा नहीं रखी। घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस शिक्षक को अपने साथ थाने ले गई।
पुलिस अधिकारी बोले- अभी बच्चियों के बयान होना हैं
महिला जांच अधिकारी (SI) उमा परिहार का कहना है कि धारा जमानती हैं, लेकिन मामला गंभीर है, इसलिए इसमें देखना होगा कि आज क्या हो सकता है। अभी मामले में जांच अधूरी है। बच्चियों और बाकियों के बयान और पूछताछ के लिये गांव और स्कूल जाना है। जांच जारी है। मामला गंभीर है, इसलिए अभी कुछ भी स्पष्ट कहना मुमकिन नहीं है।
उप सरपंच बोले- शिक्षक से मारपीट नहीं की, सिर्फ पूछताछ हुई
धोरी गांव के उपसरपंच अंकित सिंह के अनुसार, बच्चियों ने यह बात कई दिन पहले भी बताई थी। दो-तीन दिन पहले भी दोहराई। बच्चियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी जानकारी दी थी।
उन्होंने बताया, “आज जब हम लोग स्कूल पहुंचे तो देखा कि मास्टर जी बच्चियों के साथ अंदर थे। बच्चियों ने सामने आकर फिर वही बात दोहराई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।”
उपसरपंच का कहना है कि ग्रामीणों ने किसी प्रकार की मारपीट नहीं की। न ही कोई अभद्रता की। केवल सवाल-जवाब किए।
उन्होंने बताया कि स्थिति बिगड़ती देख शिक्षक ने अपने पिता को फोन किया। उनके पिता मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस शिक्षक को थाने लेकर आई। पूरे गांव के लोग भी थाने पहुंच गए।
