डीआईजी की जांच में जिला जेल में कई गड़बड़ी मिलीं
बंदियों की शिकायत पर जेलर की लगाई क्लास, कैंटीन में रजिस्टर मेंटेन नहीं होने पर संचालक को फटकारा।
जिला जेल में अवैध गतिविधियां संचालित होने का दैनिक भास्कर द्वारा खुलासा करने के बाद डीआईजी अखिलेश तोमर ने गुरुवार को कारागार में छापामार कार्रवाई करते हुए चार घंटे तक जांच की है। जेल डीआईजी की जांच में जेल में कैंटीन से कारागार में आपत्तिजनक वस्तुओं की सप्लाई होने की भी शिकायत मिली है। इसके साथ बंदियों ने कैंटीन से दोगुना कीमत पर सामान मिलने की समस्या बताई है। डीआईजी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जेलर दिलीप सिंह जाटव की मौके पर ही क्लास लगाई।
90 रुपए में कैंटीन से बिक रही एक किग्रा शक्कर, पानी जैसी दाल।
जेल के निरीक्षण के दौरान डीआईजी को यह भी शिकायत मिली है कि कैंटीन से बंदियों को दोगुने दाम पर खाद्य सामग्री मिल रही है। बंदियों ने बताया कि कैंटीन से एक किलोग्राम शक्कर 90 रुपए में बिक्री जा रही है। विरोध करने पर जेल प्रबंधन के द्वारा धमकाया जा रहा है। इतना ही 40 रुपए की कोल्ड ड्रिंक की 110 रुपए में दी जा रहीं है। बंदी लक्कू ने आरोप लगाया कि उसके पैर में गोली लगने के कारण गंभीर चोट है। जेलर उसे जिला अस्पताल भेजने के एवज में 5 हजार रुपए मांग रहे हैं। बंदी गोवर्धन ने आरोप लगाया कि कैंटीन के मार्फत प्रतिबंधित वस्तुओं की खुलेआम बिक्री की जाती है। एक अन्य शिकायत कैंटीन के पुराने प्रभारी का 77 हजार रुपए का भुगतान नहीं किए जाने की भी सामने आई, जिस पर 2 दिन में भुगतान करने के निर्देश डीआईजी ने दिए। गोदाम के रजिस्टर की जांच में स्टॉक में सामग्री कम पाई गई। इन शिकायतों के मद्देनजर डीआईजी ने जेलर को कड़ी हिदायत दी है।
