सांदीपनि विद्यालय में अनियमितताओं को लेकर बीईओ ने की जांच
बच्चों के गलत तरीके से प्रवेश व शासन के अनुरूप संचालन न होने के आरोप
शहर का सांदीपनि विद्यालय पिछले कुछ समय से अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। कभी विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर तो कभी विद्यालय में की गई गलत तरीके से प्रवेश प्रक्रिया को लेकर अभिभावकों सहित स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। विद्यालय के अनियमित संचालन को लेकर कुछ समय पूर्व एक ज्ञापन अभिभावकोंसहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को सौंपा था। इसके बाद बीते रोज बीईओ किरण कौशिक सहित तीन सदस्यीय दल ने विद्यालय का निरीक्षण किया और प्रतिवेदन वरिष्ठ कार्यालय भेजा है।सांदीपनि विद्यालय प्राचार्य जेपी अग्रवाल पर आरोप हैं कि इस साल शासन की नीति के विपरीत यानी विद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया आने के पूर्व ही प्राचार्य ने 500 से अधिक बच्चों को प्रवेश दे दिया। विद्यालय को भले ही नया भवन मिल गया, लेकिन बगैर हैंडओवर प्रक्रिया के ही कक्षाएं आनन-फानन में संचालित करा दी गई। नए भवन की गुणवत्ता की ठीक से तकनीकी जांच भी नहीं हो सकी है, बारिश में पानी रिसाव भी भवन में बताया गया, इसके बाद भी बगैर भवन हैंडओवर प्रक्रिया के प्राचार्य द्वारा कक्षाएं प्रारंभ करा दी गई। करीब 4 वर्षों से विद्यालय के संचालन होने के बाद भी प्राचार्य द्वारा अब तक शाला समिति का गठन नहीं कराया गया। विद्यालय में कंप्यूटर क्लास, संगीत क्लास, लाइब्रेरी, लैब सहित खेलकूद, डांस आदि गतिविधियों का संचालन न होना भी बड़ी समस्या बताई गई है आरोप हैं कि प्राचार्य ने इन गतिविधियों का न तो विगत सत्र में पालन कराया और न अभी भी कराया जा रहा है। विद्यालय में भोजन कक्ष बनाया गया है, लेकिन कक्ष में पेयजल में समस्या से बच्चों को जूझना पड़ रहा है। प्रवेश प्रक्रिया में कुछ ही स्कूलों के बच्चों को शामिल किया, कुछ निजी स्कूलों के बच्चों को भी प्राचार्य ने प्रवेश दिला दिया। बीईओ ने इन सभी बिंदुओं को लेकर जांच प्रतिवेदन तैयार किया अनिमितताओं की बात सामने आई थी, जिस पर जांच हुई है। जांच प्रतिवेदन में जो बिंदु होंगे, उनके आधार पर कार्रवाई तय होगी।
एएस पांडेय, डीईओ, छतरपुर
