निकालने का आरोप, ग्रामीणों ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग
बिजावर। पंचायती राज व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को गति देना और गांव के लोगों की भागीदारी से क्षेत्र का विकास सुनिश्चित करना है। लेकिन बिजावर जनपद की ग्राम पंचायत बेरखेरी से सामने आया एक मामला इन उद्देश्यों पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है।
दरअसल, ग्राम पंचायत बेरखेरी के देवी जी मंदिर प्रांगण में पेवर्स लगाए जाने के लिए करीब 78 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। जानकारी के अनुसार इस कार्य का टीएस 10 जुलाई 2025 और एएस 12 जुलाई 2025 को किया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर परिसर में आज तक पेवर्स नहीं लगाए गए, लेकिन कार्य पूर्ण होने संबंधी कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकाल ली गई। इतना ही नहीं, कार्य के प्रमाण के तौर पर फोटो अपलोड किए जाने के दौरान कथित तौर पर दूसरे स्थान की तस्वीरें अपलोड किए जाने का भी आरोप है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि मौके पर कार्य हुआ ही नहीं, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा स्थल निरीक्षण किए बिना कार्य की फोटो और दस्तावेजों को कैसे स्वीकार किया गया?
ग्रामीणों का कहना है कि देवी जी मंदिर प्रांगण में पेवर्स नहीं लगाए गए हैं, जिसकी पुष्टि मौके की स्थिति और ग्रामीणों के बयानों से होने का दावा किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत बेरखेरी में हुए इस कथित अनियमितता के मामले के साथ-साथ पंचायत में कराए गए अन्य विकास कार्यों की भी उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अधिकारी का बयान
इस मामले में जब पंचायत इंस्पेक्टर राजेन्द्र पटैरिया से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में यह मामला मीडिया के माध्यम से आया है। उन्होंने मामले की जांच कराने और संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
अब देखना होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होती है।
