घुवारा। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विगत 30 जून की रात्रि सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के रिश्तेदारों और अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ के बीच हुआ विवाद सुर्खियों में बना हुआ है। शुक्रवार की शाम भीम आर्मी के जिला गजेन्द्र अहिरवार एवं विधान सभा प्रभारी भीम आर्मी काशीराम अहिरवार, नगर अध्यक्ष भीम आर्मी सचिन, समाजसेवी रमेश नेता, बीडी अहिरवार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता पीड़ित पर के साथ पुलिस चौकी पहुंचे।
जहां पर शिकायती आवेदन देने के साथ पुलिस पर इस पूरे मामले में बिना जांच पड़ताल किए बगैर ही जल्दबाजी में एक पक्षीय कार्यवाही की घोर निंदा की गई, दूसरे पक्ष ने शिकायती आवेदन देकर न्यायसंगत कार्यवाही किए जाने और वास्तविक आरोपियों कर कार्यवाही किए जाने की मांग के साथ गुहार लगाई है। पीड़ित पक्ष में अस्पताल के चिकित्सक एवं स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में निष्पक्ष जांच कर दोत्रियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
आवेदिका श्रीमती अनीता अहिरवार, निवासी वार्ड क्रमांक 13, जगदीश मोहल्ला, चुवारा ने अपने आवेदन में बताया कि 30 जून 2026 की रात मेरे रिश्तेदार हरिशंकर अहिरवार बच्चे सहित तीन लोग मोटरसाइकिल से घुवारा से भगवा की तरफ जा रहे थे। कि रास्ते में अचानक एक कुत्ता सामने आ जाने से उनकी बाइक फिसल गई, जिससे वह घायल हो गए। उपचार के लिए वह नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे जहां डॉक्टर और स्टाफ के द्वारा इलाज न किए जाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। जिसमें डॉक्टर समेत अस्पताल के स्टाफ ने मेरे रिश्तेदारों के साथ बेरहमी के मारपीट की गई।
जब इसका विरोध करने हम लोग मौके पर पहुंचे हम सभी के साथ अस्पताल में पदस्थ डॉ. आनंद यादव ने तत्काल उपचार करने के बजाय कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और इलाज करने से इनकार कर दिया। विरोध करने पर वहां मौजूद स्टाफ के साथ मिलकर मरीज और उनके परिजनों के साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि सूचना मिलने पर परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल पहुंचे तो उनके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की गई, जिसमें महिलाओं और नाबालिग बच्चों सहित कई लोगों को चोटें आई। घायलों का उपचार बाद में निजी अस्पताल में कराया गया।
घटना से आक्रोशित परिजनों एवं स्थानीय लोगों ने पुलिस चौकी पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। मौके पर चौकी प्रभारी ने पीड़ितों की बात सुनते हुए आवेदन प्राप्त कर जांच का आश्वासन दिया। आवेदन में पीड़ित परिवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ चिकित्सक एवं संबंधित स्टाफ के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई किए जाने तथा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
