छत्तरपुर जिले में 15 वर्षीय एक नाबालिग छात्रा ने जहरीला पदार्थ सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी में परिजनों ने पढ़ाई के दबाव और मानसिक तनाव को इसका कारण बताया है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। मृतका की पहचान नंदिनी अहिरवार (15) पिता बालादीन अहिरवार के रूप में हुई, जो ग्राम गुरैया, थाना सिविल लाइन की निवासी थी। वह गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा 10वीं की छात्रा थी।
बताया गया है कि उसने घर में रखा सल्फास खा लिया, इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मामले की जांच कर रहे सिविल लाइन थाना के एएसआई सीताराम अहिरवार ने बताया कि मृतका की मां के अनुसार, नंदिनी पढ़ाई में कमजोर थी। परिवार पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए समझाता था, इससे वह मानसिक तनाव में रहती थी।
आशंका है कि इसी के चलते उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने शुक्रवार को महिला डॉक्टर की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारणों और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
