भोपाल के रातीबड़ क्षेत्र में सरकारी स्कूल के चपरासी भावेश पटेल ने पत्नी को वीडियो कॉल पर फांसी का फंदा दिखाने के बाद आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, मामले की जांच जारी है।
राजधानी भोपाल के रातीबड़ इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल के चपरासी ने अपने सूने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले युवक ने इंदौर में रह रही अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया, उसे मौत का फंदा दिखाया और फिर जान दे दी। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नीलबड़ के नाथू बरखेड़ा का रहने वाला 32 वर्षीय भावेश पटेल पिता जगदीश पटेल एक सरकारी स्कूल में चपरासी के पद पर पदस्थ था। उसकी पत्नी पिछले तीन दिनों से इंदौर स्थित अपने मायके गई हुई थी। गुरुवार देर रात भावेश ने अपनी पत्नी को वीडियो कॉल लगाया। बातचीत के दौरान अचानक उसने कैमरे के सामने फांसी का फंदा ला दिया और कहा कि वह अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रहा है।
दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे परिजन, लेकिन हो चुकी थी देर
पति के हाथ में फंदा और चेहरे पर मौत का खौफ देख पत्नी बुरी तरह घबरा गई। उसने बिना वक्त गंवाए तुरंत भोपाल में रह रहे अपने देवर को फोन कर पूरी बात बताई। सूचना मिलते ही परिजन और आसपास के लोग भागते हुए भावेश के घर पहुंचे। घर का मुख्य दरवाजा अंदर से लॉक था। काफी मशक्कत के बाद जब दरवाजे को तोड़ा गया, तो अंदर का मंजर देखकर सबकी रूह कांप गई। भावेश फंदे पर लटका हुआ था। परिजनों ने उसे तुरंत नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पीछे छूट गया रोता-बिलखता परिवार
भावेश अपने पीछे एक हंसता-खेलता परिवार छोड़ गया है। उसके परिवार में पत्नी के अलावा एक पांच साल का बेटा और महज 1 साल की मासूम बेटी है। दोनों बच्चे अपनी मां के साथ ननिहाल इंदौर गए हुए थे। मासूमों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। घटना की सूचना मिलते ही रातीबड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
नहीं मिला सुसाइड नोट
पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। युवक ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, परिजनों और पत्नी के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
