जबलपुर। भोपाल रेल मंडल में पदस्थ रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर नारायण सिंह बुंदेला को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए उनके ठिकानों पर कार्रवाई की है।
भोपाल व सागर में छापेमारी
बुंदेला के भोपाल स्थित आवास व सागर में रेस्ट हाउस में तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकार्ड और संपत्तियों से संबंधित जानकारी जुटाई गई। गुरुवार की देर रात को सागर की एक होटल से गिरफ्तार किए गए आरोपित बुंदेला को लेकर सीबीआई की जबलपुर इकाई का दल शुक्रवार को शहर पहुंचा। आरोपित को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।
ठेकेदार से मांगी थी रिश्वत
सागर रेल खंड में वर्ष 2022 में ठेकेदार अभिषेक प्यासी ने गिट्टी डालने का करीब 13 करोड़ 56 लाख रुपये का ठेका लिया था। ठेका प्रक्रिया के तहत उसने 69 लाख रुपये सुरक्षा निधि के रूप में जमा कराए थे। गिट्टी आपूर्ति का काम पूरा करने के बाद वह सुरक्षा निधि वापस मांग रहा था। इसके साथ ही गिट्टी आपूर्ति का लगभग 18 लाख रुपये का उसका भुगतान भी रुका हुआ था।
सुरक्षा निधि और बकाया भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए बुंदेला ने ठेकेदार से एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। गुरुवार को निरीक्षण के बहाने सागर पहुंचे बुंदेला रेलवे के रेस्ट हाउस में ठहरे थे। जहां, उसने ठेकेदार को भुगतान और रिश्वत पर बातचीत के लिए बुलाया।
सीबीआई ने होटल में दबिश देकर पकड़ा
फिर दोनों सागर के एक होटल में रात्रि भोजन के लिए पहुंचे। होटल में जैसे ही बुंदेला ने एक लाख रुपये की रिश्वत ली, पहले से निगरानी कर रही सीबीआई ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
होटल से बुंदेला को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने सागर के रेलवे रेस्ट हाउस में भी देर रात छापेमारी की। बुंदेला जिस कमरे में ठहरे थे उसकी तलाशी ली, जहां से 55 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पूछताछ में आरोपित इस रकम के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका, जिसके बाद राशि जब्त कर ली गई।
सागर में गिरफ्तारी के साथ ही भोपाल में भी सीबीआई की एक टीम ने बुंदेला के सरकारी आवास पर छापा मारा। आवास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी अब आरोपित की आय और संपत्ति के स्रोतों की भी पड़ताल कर रही है।
सिर झुकाए रखा, कैमरे से बचता रहा
सीबीआई आरोपित बुंदेला को लेकर शुक्रवार को जबलपुर पहुंची। उसे जब सीबीआई की विशेष अदालत में पेश करने के लिए ले जाया रहा था, तो वह कैमरे से बचने की कोशिश करता रहा। आरोपित सिर झुकाए तेजी से निकल गया। इस दौरान सीबीआई के अधिकारी आरोपित को घेरे हुए थे।
