नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि थोड़ा-सा व्यायाम आपकी उम्र बढ़ा सकता है? हाल ही में ‘ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन’ में एक बेहद महत्वपूर्ण रिसर्च प्रकाशित हुई है।
इस अध्ययन के मुताबिक, अगर आप हफ्ते में कुछ समय स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करते हैं, तो किसी भी कारण से होने वाली मृत्यु का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। आइए इस रिसर्च से जुड़ी खास बातों को डिटेल में समझते हैं।
कितनी देर की ट्रेनिंग है फायदेमंद?
- अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि हर हफ्ते 90 से 120 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना सेहत के लिए सबसे बेहतरीन है।
- इतनी ट्रेनिंग से किसी भी कारण से जान जाने का जोखिम 13 प्रतिशत तक घट जाता है।
- अगर आप इसके साथ थोड़ा एरोबिक व्यायाम भी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें, तो इसके फायदे कई गुना और बढ़ जाते हैं।
दिल और नसों की बीमारियों में कारगर
इस शोध का सबसे अहम हिस्सा यह है कि 90 से 120 मिनट की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग गंभीर बीमारियों के खतरे को भी टालती है:
- हृदय रोग: इससे दिल की बीमारियों के कारण होने वाली मौत का जोखिम 19 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
- तंत्रिका संबंधी रोग: नसों और तंत्रिका से जुड़ी बीमारियों के कारण होने वाली मृत्यु के जोखिम में 27 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट देखी गई है।
ज्यादा ट्रेनिंग का मतलब ज्यादा फायदा नहीं
अगर आपको लगता है कि ज्यादा जिम करने या पसीना बहाने से ज्यादा फायदा मिलेगा, तो ऐसा नहीं है। शोधकर्ताओं ने साफ किया है कि एक हफ्ते में 120 मिनट से ज्यादा स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से कोई अतिरिक्त फायदा नहीं मिलता है। मौत के खतरे को सबसे कम करने के लिए हफ्ते में लगभग 120 मिनट का समय ही सबसे सटीक और बेहतरीन पाया गया है।
30 सालों के लंबे अध्ययन का नतीजा
हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, एरोबिक व्यायाम (जैसे दौड़ना या साइकिल चलाना) के फायदे तो पहले से ही सभी को पता थे, लेकिन मौत के खतरे को कम करने में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग की क्या भूमिका है, यह अब तक पूरी तरह साफ नहीं था।
इस सटीक निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए शोधकर्ताओं ने 30 वर्षों तक लोगों की फिटनेस और बार-बार किए गए रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के मापों की निगरानी की। इस अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों के तीन अलग-अलग समूहों से प्राप्त आंकड़ों का गहराई से विश्लेषण किया।
