कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब तस्लीम अली नामक महिला ने अपने बेटे से मुलाकात न होने से आहत होकर खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए महिला के हाथ से बोतल छीन ली और स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। जानकारी के अनुसार, तस्लीम अली कलेक्ट्रेट कार्यालय अपनी शिकायत लेकर पहुंची थीं। महिला का आरोप है कि उनका पुत्र सागर केंद्रीय जेल में बंद है और वहां उसे शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। साथ ही जेल में उससे लगातार पैसों की मांग भी की जाती है। महिला ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह अपने बेटे से मिलने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन जेल प्रशासन द्वारा उन्हें मिलने नहीं दिया जा रहा। उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि मुलाकात अप्रैल में कराई जाएगी। महिला का यह भी आरोप है कि जेल के कुछ कर्मचारी बंदियों पर दबाव बनाकर पैसे मांगते हैं। उन्होंने बताया कि उनसे लगभग 5,000 रुपये तक की मांग की गई है। हालांकि, संबंधित कर्मचारियों के बारे में वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकीं, लेकिन एक इंचार्ज का नाम “हरीशंकर” बताया। महिला ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो उनके पुत्र के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा हत्या के एक मामले में सागर जेल में बंद है। घटना के दौरान महिला भावुक होकर बार-बार अपने बेटे से मिलवाने की गुहार लगाती रहीं और कहा कि यदि उन्हें मुलाकात नहीं कराई गई तो वह अपनी जान दे देंगी। घटना के बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने महिला को समझाइश देकर शांत कराया और उनकी शिकायत को गंभीरता से सुना। प्रशासन ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। महिला ने अपने बेटे से जल्द मुलाकात कराने, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और जेल में हो रही कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
