देवास में 13 साल के बच्चे की हत्या का खुलासा हो गया है। 11 और 13 साल के चचेरे भाइयों ने उसे मारा था। आरोपियों ने सब्जी काटने वाले चाकू से हमला किया था। एक ने बच्चे के हाथ पकड़े और दूसरे ने चाकू से ताबड़तोड़ 20 वार किए।
मामला सोनकच्छ के कराड़ियापरी गांव का है। टीआई आशीष राजपूत ने बताया कि शनिवार रात 7वीं के छात्र वेदांश झाला (13) का शव गोदाम में मिला था। मार्च से वेदांश और 11 साल के आरोपी के बीच विवाद चल रहा था। वेदांश ने आरोपी की पिटाई की थी। उसने दोस्तों से भी आरोपी से बात करने के लिए मना किया था। इसी बात से आरोपी नाराज था।
गोदाम में ले जाकर चाकू से किया हमला
शनिवार रात को आरोपी अपने 13 साल के चचेरे भाई के साथ घर से सब्जी काटने का चाकू लेकर निकला। दोनों वेदांश को गोदाम में ले गए। 11 साल के आरोपी ने वेदांश को पीछे से पकड़ा। वेदांश ने 13 साल के आरोपी को लात मारी, जिससे वह गिर गया। आरोपी गुस्से में उठा और वेदांश के पेट, गले और छाती पर चाकू से वार किए। वेदांश के मुंह से खून निकलने लगा और वह गिर गया। फिर दोनों आरोपियों ने मिलकर उसे हार्वेस्टर मशीन के नीचे पटक दिया। शव को हरे रंग की मेट और बोरे से ढंक दिया।
आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजा गया
हत्या के बाद आरोपियों ने नहाकर खून से सने कपड़े छिपा दिए थे। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू और खून लगे कपड़े बरामद कर लिए हैं। सोमवार को दोनों को बाल न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें उज्जैन के बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
गणेश पंडाल में जाने के लिए घर से निकला था वेदांश
परिजनों ने बताया कि वेदांश शनिवार शाम करीब 7 बजे घर पर गणेश जी की आरती में शामिल होने के बाद गांव के ही दूसरे पंडाल में गया था। इसके बाद वह लापता हो गया। तलाश करने के दौरान रात करीब 11 बजे ग्रामीणों को उसका शव हार्वेस्टर के नीचे पड़ा मिला।
वेदांश के शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही थी। इसके बाद सोनकच्छ थाना प्रभारी आशीष राजपूत, एसडीओपी दीपा मांडवे और एएसपी जयवीर सिंह भदौरिया मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की छानबीन शुरू की।
किस तरह आरोपियों तक पहुंची पुलिस
आरोपियों ने दिए अलग-अलग बयान

पुलिस ने सोमवार को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि घटनास्थल के पास इन्हीं दोनों भाइयों को वेदांश के साथ आखिरी बार देखा गया था। जांच में सामने आया कि कुछ महीने पहले वेदांश का एक दोस्त के साथ विवाद हुआ था। तभी पुलिस को 11 साल के आरोपी पर शक हुआ।
पुलिस दोनों नाबालिग भाइयों को अपने साथ ले गई। दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई। दोनों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। किसी ने कहा कि वह अंकल के साथ था तो कोई गणेश पंडाल में घूम रहा था। एक आरोपी ने कहा कि शाम 4 बजे के बाद वेदांश से नहीं मिले तो दूसरे ने 7 बजे की बात कही।
दोनों आरोपियों के अलग-अलग बयान के बाद पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि मार्च माह में 11 साल के आरोपी ने वेदांश को शराब पीते हुए देख लिया था। ये बात उसने सभी दोस्तों को बता दी थी, जिससे वेदांश नाराज हो गया। उसने आरोपी की पिटाई कर दी और बाकी दोस्तों से बातचीत भी बंद करवा दी।
आरोपी का घर गांव से बाहर है, जिस वजह से वह करीब दो महीनों तक गांव नहीं आया। स्कूल खुलने के बाद वेदांश से उसकी बातचीत तो शुरू हो गई थी, लेकिन आरोपी के मन में वेदांश के लिए गुस्सा था। वह बदला लेना चाहता था। इसी के चलते उसने वेदांश की हत्या कर दी।
