रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में ढाई साल की बच्ची के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करीब 8 घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। मामले में आंगनबाड़ी सहायिका समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार, समान थाना क्षेत्र में 23 सितंबर की रात करीब 8:30 बजे बच्ची के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू की और 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में बच्ची अपने भाई के साथ आंगनबाड़ी जाते हुए दिखाई दी, लेकिन वापस लौटते नहीं दिखी।
पुलिस पूछताछ के दौरान आंगनबाड़ी सहायिका रिया वर्मा ने शुरुआत में दावा किया कि बच्ची अकेले घर चली गई थी, लेकिन गहन पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हो गया। पुलिस के मुताबिक रिया वर्मा ने अपनी सहेली रीनू वर्मा के साथ मिलकर बच्ची के अपहरण की साजिश रची थी।
जांच में सामने आया कि रीनू वर्मा की कोई संतान नहीं थी। इसी वजह से दोनों ने बच्ची को अपने पास रखने की योजना बनाई। आरोप है कि बच्ची को बेहोश कर बोरी में रखा गया और बाद में दूसरी महिला के माध्यम से सीधी जिले भेज दिया गया। बच्ची को केशकली कोल के हवाले किया गया, जो उसे सीधी जिले के धनहा गांव ले गई।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम आधी रात सीधी पहुंची और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद बच्ची को उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में आंगनबाड़ी सहायिका रिया वर्मा (20), रीनू वर्मा, केशकली कोल (37) और रविशंकर मालवीय (40) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
