नई दिल्ली। मोबाइल रिचार्ज और ऑनलाइन बिल भुगतान करने वाले करोड़ों UPI उपयोगकर्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने अपने FAQ (Frequently Asked Questions) में स्पष्ट किया है कि कोई भी UPI ऐप प्रदाता UPI के माध्यम से किए जाने वाले भुगतान पर प्लेटफॉर्म फीस या किसी अन्य प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकता।
NPCI की ओर से जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, UPI ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करने के नाम पर यूजर्स से अलग से कोई चार्ज नहीं लिया जा सकता। इससे उन उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो मोबाइल रिचार्ज या बिल भुगतान के दौरान अतिरिक्त शुल्क चुकाने को मजबूर होते थे।
2021 से शुरू हुआ था अतिरिक्त शुल्क का चलन
मोबाइल रिचार्ज पर अतिरिक्त शुल्क लेने की शुरुआत अक्टूबर 2021 में देखने को मिली थी, जब PhonePe ने कुछ उपयोगकर्ताओं के लिए रिचार्ज पर प्रोसेसिंग फीस लागू की थी। बाद में Paytm सहित अन्य प्लेटफॉर्म्स ने भी रिचार्ज और बिल भुगतान सेवाओं पर ₹1 से ₹6 तक के शुल्क लेना शुरू कर दिया था।
कई यूजर्स ने शिकायत की थी कि ₹200 के रिचार्ज पर उन्हें वास्तविक राशि से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। कुछ प्लेटफॉर्म्स ने इसे प्लेटफॉर्म फीस या सुविधा शुल्क के रूप में दर्शाया था।
NPCI ने क्या कहा?
NPCI के FAQ में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा गया है कि UPI ऐप्स UPI भुगतान पर कोई प्लेटफॉर्म फीस या अतिरिक्त शुल्क नहीं लगा सकते। यानी यदि भुगतान सीधे UPI माध्यम से किया जा रहा है, तो केवल ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने के लिए अलग से शुल्क वसूलना नियमों के अनुरूप नहीं होगा।
फिर रिचार्ज पर दिखने वाली फीस क्या है?
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई कंपनी मोबाइल रिचार्ज या बिल भुगतान जैसी सेवा उपलब्ध कराने के लिए अलग सुविधा शुल्क लेती है, तो उसके नियम और शर्तें अलग हो सकती हैं। ऐसे मामलों में शुल्क को UPI ट्रांजैक्शन फीस नहीं बल्कि सेवा शुल्क माना जा सकता है।
वर्तमान में कुछ डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म अपनी शर्तों में रिचार्ज और बिल भुगतान सेवाओं पर प्लेटफॉर्म या सुविधा शुल्क का उल्लेख करते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को भुगतान से पहले शुल्क संबंधी जानकारी ध्यान से देखने की सलाह दी जा रही है।
