मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। कांग्रेस विधायक की सदस्यता रद्द होने के बाद पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की टिकट कटने के बाद वह चर्चा में हैं। जानिए उनके पास कितनी संपत्ति और सोना है।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी में महाविस्फोट हो गया है। पार्टी आलाकमान ने पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर सबको चौंकाते हुए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
टिकट कटने की खबर आते ही दतिया की सड़कों पर नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने भारी बवाल काट दिया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने झांसी हाईवे पर लंबा जाम लगा दिया, वहीं दतिया बीजेपी के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह समेत पूरी कार्यकारिणी ने सामूहिक इस्तीफा देकर पार्टी नेतृत्व को हिलाकर रख दिया है। इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के बाद पूर्व गृहमंत्री और बीजेपी के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा की दतिया सीट पर वापसी की चर्चाएं अचानक तेज हो गई हैं।
करोड़ों के मालिक, लेकिन पास में नहीं है कोई गाड़ी
नरोत्तम मिश्रा की गिनती प्रदेश के सबसे रसूखदार नेताओं में होती है। उनके 2023 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास कुल 6 करोड़ 84 लाख 14 हजार 884 रुपये की संपत्ति है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि करोड़ों के मालिक होने के बावजूद नरोत्तम मिश्रा के नाम पर कोई निजी कार या गाड़ी दर्ज नहीं है।
खेती से होती है कमाई, पत्नी के नाम 3 करोड़ का बंगला
राजनीति के साथ-साथ नरोत्तम मिश्रा ने अपना मुख्य पेशा खेती बताया है। उनके पास डबरा में 75 लाख का एक मकान है, जबकि उनकी पत्नी गायत्री मिश्रा के नाम पर भोपाल की पॉश अरेरा कॉलोनी में 3 करोड़ रुपये का आलीशान बंगला है।
नरोत्तम मिश्रा की संपत्ति का पूरा लेखा-जोखा:
- कुल संपत्ति: 6.84 करोड़ रुपये से अधिक
- सोना (पति-पत्नी): नरोत्तम मिश्रा के पास 21 तोला और पत्नी के पास 56 तोला सोना।
- क्रिमिनल केस: कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं।
- शिक्षा: पीएचडी डॉक्टरेट की डिग्री।
- कर्ज: पूरी तरह कर्ज मुक्त (कोई लोन नहीं)।
सोने की कीमतों में आया बंपर उछाल
साल 2023 के हलफनामे में नरोत्तम मिश्रा ने अपनी पत्नी के 56 तोले और खुद के 21 तोले सोने की कीमत करीब 49.4 लाख रुपये दिखाई थी। हालांकि, पिछले दो साल में सराफा बाजार में आई तेजी के बाद अब उनके इस सोने की मौजूदा कीमत करीब 1 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है।
