ई-रिक्शा चालकों के लिए एक नई परेशानी सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि कुछ मामलों में मोबाइल फोन के जरिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) को निशाना बनाकर ई-रिक्शों को बीच रास्ते में बंद किया जा रहा है. इससे चालक और सवारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अगर ऐसा ही हाल रहा तो बड़ा हादसा भी हो सकता है.
नोएडा : अक्सर हम जब सड़कों पर ई-रिक्शा खड़े देखते हैं तो परेशान हो जाते हैं. कई बार इनकी वजह से जाम की हालत भी बन जाती है. मगर इसका मतलब यह नहीं कि ई-रिक्शा को चलते-चलते बंद कर दिया जाए. दरअसल, नोएडा और ग्रेटर नोएडा से एक काफी चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. यहां के ई-रिक्शा चालकों का दावा है कि उनके वाहन अच्छे खासे रफ्तार भर रहे होते हैं और अचानक चलते-चलते बंद हो जाते हैं. ये किसी तकनीकी खराबी नहीं बल्कि कुछ शरारती तत्व मोबाइल फोन के जरिए ई-रिक्शा के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) से छेड़छाड़ कर बैटरी को स्विच ऑफ कर देते हैं.
दरअसल, कुछ आधुनिक ई-रिक्शा में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) या कंट्रोलर को ब्लूटूथ या मोबाइल ऐप के जरिए मॉनिटर और नियंत्रित करने की सुविधा होती है. यदि इस सिस्टम की सुरक्षा पर्याप्त मजबूत न हो या किसी बाहरी व्यक्ति को एक्सेस मिल जाए तो वो ई-रिक्शा की बैटरी को बंद कर सकता है. यहां तक कि ‘BAT-BMS’ नाम के मोबाइल ऐप को लेकर काफी दावे किए जा रहे हैं. अगर इस ऐप से सिस्टम से कनेक्ट हो जाए तो वह बैटरी को रिमोट तरीके से स्विच ऑफ कर सकता है.
ऐसे में कुछ शरारती तत्व हैं, जिनके पास कुछ काम धंधा नहीं होता, वो लोगों को परेशान करने के लिए ट्रिक निकाल लेते हैं. टीवी 9 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ई-रिक्शा ड्राइवरों का कहना है कि कई बार वाहन पूरी तरह ठीक होने के बावजूद अचानक चलते-चलते बीचोंबीच सड़क पर रुक जाता है. बैटरी, मोटर और अन्य तकनीकी हिस्सों की जांच कराने पर भी कोई खराबी सामने नहीं आती. इससे ड्राइवरों को घंटों सड़क पर परेशान होना पड़ता है. कई बार यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ता है, जिससे ड्राइवरों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है.
ड्राइवरों के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं गौतमबुद्ध नगर जिले के अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही हैं. उनका कहना है कि यदि यह सिलसिला जारी रहा तो हजारों ई-रिक्शा ड्राइवरों की आजीविका पर असर पड़ सकता है. साथ ही सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है. ई-रिक्शा ड्राइवरों ने प्रशासन और निर्माता कंपनियों से मांग की है कि बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को अधिक सुरक्षित बनाया जाए. उनका सुझाव है कि हर ई-रिक्शा में पासवर्ड या मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम अनिवार्य किया जाए, ताकि कोई भी बाहरी व्यक्ति बिना अनुमति वाहन के कंट्रोल सिस्टम तक पहुंच न बना सके. वहीं, एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र सिंह ने बताया कि अभी तक इस प्रकार की किसी घटना की आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. यदि कोई शिकायत मिलती है तो उसकी तकनीकी जांच कराई जाएगी.
