छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल के निर्देश पर मंगलवार को जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और डीपीसी अरुण शंकर पांडे ने ईशानगर विकासखंड के कई शासकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में छात्र उपस्थिति, पढ़ाई का स्तर और मध्यान्ह भोजन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
प्राथमिक शाला परा में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम मिली। जांच में सामने आया कि शिक्षकों ने उपस्थिति बढ़ाने के लिए कोई ठोस प्रयास ही नहीं किए। प्राथमिक शाला पिपौराकला में भी हालात खराब मिले। यहां न सिर्फ बच्चे कम आए बल्कि उनका शैक्षणिक स्तर भी संतोषजनक नहीं था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि बच्चों को मध्यान्ह भोजन तय मीनू के अनुसार नहीं दिया जा रहा था। इससे साफ हुआ कि संबंधित स्व-सहायता समूह लापरवाही बरत रहा है।
माध्यमिक शाला खड़गॉय में भी गड़बड़ी मिली। यहां विद्यार्थियों की उपस्थिति नियमानुसार दर्ज ही नहीं की जा रही थी। साथ ही मध्यान्ह भोजन बनाने में उपयोग होने वाले बर्तन भी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
सबसे बदतर स्थिति प्राथमिक शाला रसोइया ठाकरुन में दिखी। यहां 19 दर्ज बच्चों में से सिर्फ 2 छात्र ही स्कूल पहुंचे थे। जो बच्चे मिले उनका पढ़ाई का स्तर भी बेहद कमजोर था। शिक्षकों का अकादमिक प्रदर्शन भी अपेक्षित स्तर का नहीं मिला।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने मौके पर ही शाला प्रभारियों और शिक्षकों को फटकार लगाई। उन्होंने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, शिक्षण गुणवत्ता सुधारने और शैक्षणिक स्तर बेहतर करने के सख्त निर्देश दिए।
सीईओ ने स्पष्ट कहा कि निरीक्षण में जिन शिक्षकों की लापरवाही सामने आई है उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं मध्यान्ह भोजन में मीनू का पालन नहीं करने वाले स्व-सहायता समूहों पर भी कार्रवाई तय है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
