जिले के सानोधा थाना क्षेत्र के ग्राम पामाखेड़ी में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है, जहाँ एक पिता ने ही अपने सगे बेटे की हत्या की पटकथा लिख डाली। पुरानी रंजिश की आग में जल रहे परिवार ने खून के रिश्ते को ही खत्म कर दिया।
घटना 19 अप्रैल 2026 की शाम करीब 4:30 बजे की है। आरोपी हिरदे (पिता स्व. थोवन अहिरवार, उम्र 74 वर्ष) का अपने बेटे हल्ले अहिरवार से विवाद हुआ था। गुस्से में अंधे पिता ने अपने दूसरे बेटे और नातियों को उकसाया, जिसके बाद पप्पू उर्फ शिवराम अहिरवार (45 वर्ष), संदेश (पिता पप्पू अहिरवार, उम्र 22 वर्ष) और एक 16 वर्षीय विधि विरुद्ध बालक ने मिलकर हल्ले पर डंडों और पत्थरों से हमला बोल दिया। चीख-पुकार के बीच घर का आंगन रणभूमि बन गया। बीच-बचाव करने आई पत्नी सीमा अहिरवार को भी नहीं बख्शा गया और उसके साथ भी मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल हल्ले को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ जिंदगी और मौत के बीच जूझते हुए उसने 21 अप्रैल 2026 को दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार शाहवाल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश कुमार सिन्हा और एसडीओपी रहली प्रकाश मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर ने टीम के साथ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की। एफएसएल (FSL) टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर खून से सनी मिट्टी जब्त की गई। आरोपियों के मेमोरेंडम पर हत्या में इस्तेमाल डंडा और पत्थर बरामद किए गए हैं। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पूरे मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी पिता हिरदे सहित पप्पू उर्फ शिवराम और संदेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। सभी आरोपी ग्राम पामाखेड़ी के निवासी हैं।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के खुलासे में थाना प्रभारी भरत सिंह ठाकुर, एएसआई शेषनारायण दुबे, प्रधान आरक्षक धर्मदास, उमेश तिवारी, राजेश पाण्डे, आरक्षक जगदीश, राहुल, हेमन्त, प्रवीण, राजेन्द्र, नीरज और प्रमोद की अहम भूमिका रही।
