मध्यप्रदेश के दमोह से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए अपनी ही पत्नी को जिंदा जलाने की कोशिश कर डाली। इस घटना ने न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार किया है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना दमोह के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के बजरिया वार्ड नंबर 7 नूरींगर की है। यहां रहने वाली तमन्ना कुरैशी को उसके पति अंबर कुरैशी ने कथित रूप से पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। गंभीर रूप से झुलसी तमन्ना को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।
पीड़िता की मां इशरजा बेगम ने बताया कि बीते 8 सालों से उनका दामाद अंबर कुरैशी उनकी बेटी के साथ लगातार मारपीट और प्रताड़ना करता रहा। उन्होंने कई बार थाने में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन हर बार पुलिस की ओर से सिर्फ औपचारिक कार्रवाई की गई। किसी ठोस कदम की कमी ने आरोपी के हौसले बुलंद कर दिए।
मंगलवार देर शाम पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोप है कि इसी दौरान अंबर ने तमन्ना पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। आग की लपटों में घिरी तमन्ना की चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग बुझाकर उसकी जान बचाई।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और तहसीलदार जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़िता के बयान दर्ज किए। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जाती, तो क्या आज तमन्ना इस हालत में होती? फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी अंबर कुरैशी कब तक कानून की गिरफ्त से दूर रहता है और उसे उसके किए की सजा कब मिलती है।
