प्रयागराज महाकुंभ में अपनी नीली आंखों और आकर्षक व्यक्तित्व के कारण सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई इंदौर की मोनालिसा अब एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी एक मुस्लिम युवक से हुई शादी है, जिसने काफी विवाद खड़ा कर दिया है। प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक संभावित सोची-समझी साजिश करार दिया है।
देवकीनंदन ठाकुर ने मोनालिसा की हिंदू पहचान पर ही सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कैसे निश्चित किया जा सकता है कि वह वास्तव में हिंदू थी। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है किसी पूर्वनियोजित योजना के तहत उसे हिंदू के रूप में कुंभ मेले में भेजा गया हो, ताकि सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इस तरह की घटना को अंजाम दिया जा सके। उन्होंने कुंभ जैसे पवित्र आयोजन को किसी व्यक्ति की सुंदरता या आंखों का केंद्र बनाने पर भी दुख जताया। उनका कहना था कि कुंभ ज्ञान, धर्म और सनातन संस्कृति की चर्चा का मंच है, लेकिन पूरा ध्यान एक लड़की की आंखों पर केंद्रित हो गया, जो दुखद है।
उन्होंने आगे कहा कि अब वही लड़की शादी के बाद अपने माता-पिता से खतरे की बात कर रही है, जो इस पूरे घटनाक्रम को और संदिग्ध बनाता है। देवकीनंदन ठाकुर ने ‘लव जिहाद’ के मामलों पर सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कोई गैर-हिंदू किसी हिंदू लड़की या लड़के से शादी करता है, तो उसे हिंदू धर्म अपनाना अनिवार्य होना चाहिए और शादी के बाद मूल धर्म में वापसी की अनुमति नहीं होनी चाहिए। उनका मत था कि यदि प्रेम सच्चा है, तो व्यक्ति किसी भी धर्म को अपनाने की कुर्बानी दे सकता है। ऐसे कानून से समाज में कई विवाद रोके जा सकते हैं।
यूजीसी से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि देश को ऐसे कानूनों की जरूरत है, जिससे भारत कभी गुलामी की स्थिति में न पहुंचे और सनातन मानने वाले लोग एकजुट रहें। शंकराचार्य पर लगे आरोपों पर उन्होंने ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि इससे विवाद बढ़ सकता है, लेकिन वे धर्म के साथ खड़े हैं तथा गौ माता की रक्षा और गोहत्या रोकने पर जोर दिया।
संतों पर लगने वाले आरोपों को लेकर उन्होंने मीडिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मीडिया अक्सर साधु-संतों के पीछे पड़ जाती है। उदाहरण देते हुए उन्होंने दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम अहमद बुखारी पर दर्ज मामलों की जांच में कम चर्चा होने की बात कही। उनका आरोप था कि सनातन धर्म को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और सभी मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, बिना किसी समुदाय को निशाना बनाए। यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जहां एक तरफ मोनालिसा के पिता नाराजगी जता रहे हैं और बेटी को फंसाए जाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं देवकीनंदन ठाकुर जैसे धार्मिक व्यक्तित्व इसे बड़े षड्यंत्र से जोड़ रहे हैं।
