शहर में रविवार शाम सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। शाम करीब 4 बजे बड़ी संख्या में एकत्रित हुए कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सत्तापक्ष के विरोध में जमकर नारेबाजी की, जिससे शहर के मुख्य मार्गों पर गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
यह प्रतीकात्मक शव यात्रा कांग्रेस कार्यालय से प्रारंभ होकर चौबे तिराहा होते हुए जिला अस्पताल गेट की ओर बढ़ी। जैसे ही प्रदर्शनकारी अस्पताल गेट के समीप पहुंचे, वहां भारी पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस ने अर्थी को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया, जिससे पुलिसकर्मियों और युवा कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर खींचतान हुई। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिसकर्मी अर्थी को लेकर दौड़ते नजर आए और प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी तीखी बहस हुई। कुछ देर की अफरा-तफरी के बाद पुलिस ने छत्रसाल चौक पर भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए वाटर कैनन (जल बौछार) का प्रयोग किया।
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर की गई कथित विवादित टिप्पणी को बताया। सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा लगातार की जा रही ऐसी अमर्यादित टिप्पणियों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनकारियों ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए उस वीडियो का भी मुद्दा उठाया, जिसमें भाजपा युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष और पुलिस प्रशासन के बीच झड़प दिखाई दे रही थी। युवा कांग्रेस ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की चेतावनी दी है।
