जिले में 90% हितग्राहियों की ईकेवाईसी हुई, पांच हजार परिवारों के बाहर रहने से कार्य प्रभावित
जिले में उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी से राशन का फर्जीवाड़ा सामने आया है। राशन के उपभोक्ताओं की आधार बेस्ड ई-केवाईसी से अपात्र उपभोक्ताओं का चेहरा बेनकाब होने लगा है। दरअसल, आधार और समग्र आईडी से ई-केवाईसी होने के कारण उपभोक्ताओं ऑनलाइन ब्यौरा प्रदर्शित होने लगा है। जिला आपूर्ति विभाग की जानकारी के अनुसार ई-केवाईसी की प्रक्रिया में अपात्र पाए गए 24 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के नाम हटा दिए गए हैं। ऐसे में अपात्र उपभोक्ताओं को राशन नहीं मिलेगा। डीएसओ ने बताया कि जिले में 90% उपभोक्ताओं के ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है।
12 राज्य में राशन ले रहे छतरपुर के उपभोक्ता, एक लाख 56 हजार की ई-केवाईसी पेंडिंग
जिले में वर्तमान समय 1 लाख 56 हजार से अधिक उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी पेंडिंग होने की जानकारी सामने आई है। वजह यह है कि जिले के 5 हजार परिवार के द्वारा देश 12 राज्य में राशन लेने रहे है और कई तो फर्जी बीपीएल कार्ड बनवाने के कारण सत्यापन कराने से बच रहे हैं। ऐसे में इन परिवार की ई-केवाईसी को लेकर खाद्य विभाग के अफसर पशोपेश में है। जिले के उपभोक्ता वर्तमान समय में दमन दीप, गोवा, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों में वन नेशन वन कार्ड योजना के तहत राशन ले रहे हैं। डीएसओ का कहना है कि ऐसे उपभोक्ता जिनकी अभी तक ई-केवाईसी नहीं हो सकी है, उनका राशन रोक दिया गया है।
पीडीएस को पारदर्शी बनाने जरूरी है उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी
पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम यानी पीडीएस को पारदर्शी और कारगर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब देशभर के सभी राशन कार्ड धारकों के लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी कर दिया गया है। इसका मकसद है कि असल लाभार्थियों को ही सब्सिडी मिले और फर्जीवाड़ा रोका जा सके। हालांकि ऐसे उपभोक्ता जिनकी केवाईसी नहीं हो पाई है, उनका राशन बंद हो गया। ऐसे में ई-केवाईसी नहीं कराने वाले राशन कार्डधारक पीडीएस के तहत मिलने वाली सब्सिडी वाला अनाज मिलना बंद कर दिया है। ई-केवाईसी नहीं कराने की स्थिति में कार्ड को अस्थायी रूप से निलंबित हो सकता है और सरकारी अनाज की सुविधा से वंचित हो जाएंगे। इस प्रक्रिया के तहत राशन कार्ड को आधार से जोड़ा जाएगा और डिटेल्स को आधार आधारित ऑथेंटिकेशन के जरिए वेरीफाई किया जाएगा।
राजनगर और छतरपुर में सबसे अधिक उपभोक्ता
जिले में राशन के सबसे अधिक उपभोक्ता छतरपुर और राजनगर में है। इसके साथ ही बड़ामलहरा में भी उपभोक्ता बड़ी संख्या में राशन ले रहे है। इतना ही नहीं जिले के गौरिहार और बिजावर में भी बड़ी संख्या में उपभोक्ता दर्ज है। जिले में पांचवें नंबर पर लवकुशनगर के उपभोक्ता राशन ले रहे है। सबसे कम उपभोक्ता सटई, हरपालपुर में है।
राशन दुकानों में उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी के लिए कैंप लगाए गए
हैं। जिले से बाहर रहने वाले उपभोक्ताओं ई-केवाईसी कराए जाने के लिए लगातार संपर्क किया जा रहा है।
