उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पुलिस ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी मनीषा प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका पति और मुख्य आरोपी श्याम कुमार प्रजापति अभी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सहजनवा थाना क्षेत्र के पाली गांव निवासी श्याम कुमार प्रजापति और उसकी पत्नी मनीषा प्रजापति ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर लोगों को निवेश के नाम पर झांसे में लिया। आरोपियों ने आकर्षक रिटर्न और आसान निवेश योजनाओं का लालच देकर विभिन्न राज्यों के लोगों से बड़ी रकम जमा कराई और बाद में करोड़ों रुपये हड़प लिए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ गोरखपुर समेत चार राज्यों में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर भी इनके खिलाफ 21 से अधिक शिकायतें दर्ज बताई गई हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। फरार मुख्य आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
इस कार्रवाई को साइबर और आर्थिक अपराधों के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।