मध्य प्रदेश के भिंड में मुख्यमंत्री मोहन यादव के हेलिकॉप्टर टेक-ऑफ से ठीक पहले सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। हेलिपैड के ऊपर अवैध रूप से ड्रोन उड़ने के कारण उड़ान को करीब 10 मिनट के लिए रोकना पड़ा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की सुरक्षा में रविवार शाम चूक हो गई। भिंड के दंदरुआ धाम में उनके हेलिकॉप्टर के उड़ान भरने से ठीक पहले आसमान में एक ड्रोन मंडराता हुआ दिखाई दिया। इस घटना के बाद हेलिपैड पर सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और मुख्यमंत्री के प्रस्थान में करीब 10 मिनट की देरी हुई।
यह घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री मोहन यादव, कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल और राकेश शुक्ला के साथ ग्वालियर जाने के लिए हेलिकॉप्टर में सवार हो चुके थे। जैसे ही टेक-ऑफ की तैयारी हुई, पायलट ने हेलिपैड के ठीक ऊपर नो-फ्लाई जोन में ड्रोन उड़ते देखा और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उड़ान भरने से साफ इनकार कर दिया।
मंदिर की छत से पकड़ा गया ड्रोन ऑपरेटर
सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हरकत में आते हुए ड्रोन उड़ा रहे शख्स की तलाश शुरू की। पुलिस ने मंदिर की छत से ड्रोन ऑपरेटर राघवेंद्र खेमरिया को धर दबोचा। पुलिस ने उसके पास से रिमोट, ड्रोन और अन्य रिकॉर्डिंग डिवाइस जब्त कर ली हैं। हालांकि, मंदिर प्रशासन का दावा है कि राघवेंद्र मंदिर का ही अधिकृत कर्मचारी है और वह मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल के लिए सीएम के दौरे की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था।
नो-फ्लाई जोन होता है पूरा क्षेत्र
वीवीआईपी सुरक्षा के लिहाज से हेलीपैड और उसके आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से नो-फ्लाई जोन होता है। ऐसे संवेदनशील समय में बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने को लेकर पुलिस ऑपरेटर और मंदिर प्रशासन दोनों से गहन पूछताछ कर रही है।
मंदिर का अधिकृत कर्मचारी निकला ड्रोन ऑपरेटर
- लोकेशन: यह पूरी घटना रविवार शाम को भिंड जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल दंदरुआ धाम में बने हेलिपैड पर हुई।
- वीवीआईपी मौजूदगी: घटना के वक्त हेलिकॉप्टर में मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल और राकेश शुक्ला भी बैठे हुए थे।
- पायलट का फैसला: सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए हेलिकॉप्टर के पायलट ने तब तक उड़ान भरने से मना कर दिया, जब तक कि हवाई क्षेत्र पूरी तरह साफ नहीं हो गया।
- ऑपरेटर की पहचान: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए ड्रोन ऑपरेटर की लोकेशन ट्रेस की, जिसका नाम राघवेंद्र खेमरिया बताया जा रहा है।
- गिरफ्तारी व जब्ती: पुलिस ने आरोपी को मंदिर की छत से हिरासत में ले लिया और उसके पास से ड्रोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं।
- मंदिर प्रशासन की सफाई: दंदरुआ धाम मंदिर प्रशासन का दावा है कि राघवेंद्र मंदिर का ही अधिकृत कर्मचारी है, जो मंदिर के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल के लिए मुख्यमंत्री के दौरे की कवरेज कर रहा था।
- प्रोटोकॉल का उल्लंघन: वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान हेलिपैड के आसपास का क्षेत्र पूरी तरह नो-फ्लाई जोन होता है, जहां बिना विशेष अनुमति के कोई भी उपकरण नहीं उड़ाया जा सकता।
- सुरक्षा में देरी: इस पूरे सुरक्षा अलर्ट और ड्रोन ऑपरेटर को हिरासत में लेने की प्रक्रिया के कारण वीवीआईपी हेलिकॉप्टर 10 मिनट तक जमीन पर ही खड़ा रहा।
- पुलिसिया कार्रवाई: भिंड पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या ऑपरेटर के पास स्थानीय प्रशासन या नागरिक उड्डयन विभाग की लिखित अनुमति थी या नहीं।
