रिश्वत लेते पकड़े जाने पर भ्रष्ट लेखापाल ने पहले सीना तानकर लोकायुक्त को खूब हेकड़ी और तेवर दिखाए। बाद में उसे समझ आया कि वह फंस चुका है, फिर लोकायुक्त कार्रवाई के दौरान सिर झुकाकर हाथ बांधे चुपचाप बैठा रहा। आगर—मालवा आपूर्ति कार्यालय में लोकायुक्त ने प्रभारी लेखापाल को 50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था…
एमपी के आगर मालवा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कार्यालय में दबिश देकर लोकायुक्त की टीम ने सहायक ग्रेड-3 और प्रभारी लेखपाल मनीष कुमार पंडया को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बाबू एक सेवानिवृत्त अधिकारी के लंबित पड़े 27 लाख रुपये के भुगतानों को पास करने के एवज में डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
पिता के फंड के लिए बेटे से मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, रतलाम के जावरा में रहने वाले विजय कुमार बोरसिया ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त से की थी। विजय के पिता गोवर्धन लाल आगर के जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय से ही सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी ग्रेच्युटी, बीमा और अवकाश नकदीकरण जैसी मदों के करीब 27 लाख रुपये का भुगतान काफी समय से अटका हुआ था। इसी राशि को जारी करने के नाम पर बाबू मनीष कुमार पंडया लगातार डेढ़ लाख रुपये की डिमांड कर रहा था।
लोकायुक्त ने ऐसे बिछाया जाल
परेशान होकर पीड़ित के बेटे ने 8 जुलाई को लोकायुक्त एसपी आनंद कुमार यादव से लिखित शिकायत की। लोकायुक्त ने मामले की गोपनीय जांच निरीक्षक दीपक सेजवार से कराई, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद जाल बिछाकर गुरुवार, 10 जुलाई को शिकायतकर्ता को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देकर आरोपी के पास भेजा गया।
जैसे ही बाबू मनीष कुमार पंडया ने दफ्तर में रिश्वत की रकम पकड़ी, पहले से तैयार बैठी लोकायुक्त की 10 सदस्यीय टीम ने उसे दबोच लिया। लोकायुक्त की टीम ने मौके पर ही नोट जब्त कर आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई दल में डीएसपी दिनेशचंद पटेल, निरीक्षक दीपक सेजवार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
लोकायुक्त की जनता से अपील, जारी किए नंबर
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त संगठन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं। नागरिक तुरंत लोकायुक्त उज्जैन के मोबाइल नंबर 9425103975 या लैंडलाइन नंबर 0734-2512756 पर इसकी सूचना देकर भ्रष्टाचार के खिलाफ इस अभियान में सहयोग कर सकते हैं।
