वाराणसी की धरा पर मंगलवार को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रिश्तों में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026’ में शिरकत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को धरातल पर उतारने का बड़ा रोडमैप पेश किया। इस सम्मेलन का मुख्य सार उन दो राज्यों की साझी विरासत और विकास की जुगलबंदी में छिपा है, जो अब न केवल अध्यात्म के जरिए बल्कि सौर ऊर्जा और जल प्रबंधन के माध्यम से भी एक-दूसरे का हाथ थामकर वैश्विक ऊंचाइयों को स्पर्श करने के लिए तैयार हैं।
मुरैना में 2,000 मेगावाट का संयुक्त सोलर प्रोजेक्ट: अन्नदाता को मिलेगी ‘ग्रीन’ शक्ति
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर मुरैना में 2,000 मेगावाट की संयुक्त सौर ऊर्जा परियोजना पर तेजी से कार्य कर रहे हैं। इस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के ‘अन्नदाता’ किसानों को मिलेगा, जिन्हें न केवल सस्ती बिजली उपलब्ध होगी, बल्कि खेती के लिए ‘ग्रीन एनर्जी’ का एक सशक्त विकल्प भी मिलेगा। यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती प्रदान करते हुए दोनों राज्यों के औद्योगिक और कृषि परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना: यूपी के प्यासे खेतों तक पहुँचेगा जल
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय सहयोग पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि बहुप्रतीक्षित केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना का सीधा लाभ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को भी मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जल संरक्षण की यह दिशा दोनों राज्यों के बीच ‘संसाधन साझाकरण’ (Resource Sharing) का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करेगी। इससे न केवल बुंदेलखंड के सूखे खेतों की प्यास बुझेगी, बल्कि सिंचाई और पेयजल की उपलब्धता से क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे। डॉ. यादव ने विश्वास जताया कि विरासत और विकास की यह साझी यात्रा आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल साबित होगी।
महाकाल और काशी विश्वनाथ के बीच ऐतिहासिक MoU: पर्यटन और उद्योग को नई दिशा
सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि विभिन्न क्षेत्रों में हुए MoU (सहमति पत्र) रहे, जो दोनों राज्यों के बीच समन्वय को संस्थागत रूप प्रदान करेंगे। विशेष रूप से:
धार्मिक पर्यटन: श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण (वाराणसी) और श्री महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति (उज्जैन) के बीच समझौता हुआ, जिससे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और प्रबंधन का आदान-प्रदान सुगम होगा।
औद्योगिक विकास: MPIDC और उत्तर प्रदेश के डायरेक्टोरेट ऑफ इंडस्ट्रीज एंड एंटरप्राइज प्रमोशन (कानपुर) के बीच हुए समझौते से दोनों राज्यों के उद्यमियों को निवेश और व्यापार की नई संभावनाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश अपनी गौरवशाली विरासतों को सहेजते हुए प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। वाराणसी का यह सम्मेलन दोनों राज्यों की साझी तरक्की और मध्य प्रदेश में विद्यमान असीमित संभावनाओं को साकार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।
