राष्ट्रीय सर्वेक्षण नगरों के स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक स्वच्छता स्तर का आकलन करने वाला सबसे बड़ा सर्वे है, जिसका उद्देश्य शहरों को स्वच्छ, स्वस्थ और बेहतर जीवन-योग्य बनाना है। मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान का प्रभाव अब जनपद में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की है, जिससे जनपद के नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके। जनपद में नगर पालिका और ग्राम पंचायतों के माध्यम से नियमित सफाई अभियान चलाया जा रहा है। प्रमुख बाजारों, सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के आसपास विशेष सफाई अभियान संचालित किए जा हैं। साथ ही नालों की सफाई, कूड़ा निस्तारण और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने “स्वच्छ बांदा, स्वस्थ बांदा” अभियान की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता के प्रति जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां और नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों को स्वच्छता की शपथ दिलाई जा रही है ताकि आने वाली पीढ़ी में साफ-सफाई की आदत विकसित हो। ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय निर्माण और उनके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। खुले में शौच मुक्त स्थिति को बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही प्लास्टिक प्रतिबंध अभियान को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि आमजन की भागीदारी से ही स्वच्छता अभियान सफल हो सकता है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे कूड़ा इधर-उधर न फेंकें और निर्धारित स्थानों पर ही कचरा डालें। सरकार की इन पहलों से उम्मीद की जा रही है कि जनपद बांदा जल्द ही प्रदेश के स्वच्छ जिलों की सूची में प्रमुख स्थान प्राप्त करेगा।
