छतरपुर । नगर पालिका अपनी कार्यशैली के लिए हमेशा सुर्खियों में रहती है । टेंडर होने के बाद मौके पर न इंजीनियर जाते हैं और न ही कोई जवाबदार अधिकारी निर्माण और गुणवत्ता की सारी जिम्मेदारी सिर्फ ठेकेदार द्वारा निभाई जाती है । शहर के तमाम वार्डों में नाली निर्माण का कार्य चल रहा है वार्ड नंबर एक में नाली के ऊपर अतिक्रमण कर बनाई गई सीढ़ियां हटाए बिना ही नाली निर्माण हो रहा है ऐसे ही वार्ड नंबर 10 के बिहारी मार्ग में नाली के ऊपर अतिक्रमण कर बनाए गए चबूतरों को भी नहीं तोड़ा गया और आधी अधूरी नाली बन कर तैयार हो गई ।
पत्रकारों ने निभा दी अपनी जिम्मेदारी, अधिकारी बेसुध
नाली निर्माण कार्य में हो रही धांधली जब पत्रकारों की नजर में आई तो खबरों का प्रकाशन कर प्रशासन तक जानकारी पहुंचाई गई। मगर जिम्मेदार अधिकारी फिर भी कुंभकर्णी नींद से नहीं जागे। नगर पालिका के किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति ने मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठाई और ठेकेदार ने अपनी मनमानी करके गुणवत्ता विहीन निर्माण कर दिया ।
कब जागेगा प्रशासन ?
वैसे तो भाजपा सरकार के जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुशासन की बात करते नहीं थकते हैं । मगर जब वास्तव में सुशासन की बात आती है तो हर तरफ सिर्फ धांधली और बेइमानी नजर आती है । जिन जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों की लापरवाह कार्यशैली पर लगाम लगाना चाहिए वही जनप्रतिनिधि आंख कान बंद करके अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसे कैसे आयेगा सुशासन ? कब जागेगा प्रशासन ?
