मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा थाना क्षेत्र से आई इस वारदात ने रिश्तों की नींव को ही हिला कर रख दिया है।दुधाखेड़ी गांव में जो कुछ हुआ, उसने इंसानियत को झकझोर दिया है और एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब रिश्तों में भरोसा भी सुरक्षित नहीं रहा?कहानी एक ऐसे पति की, जिसे शायद आखिरी वक्त तक यह अंदाजा नहीं था कि उसकी अपनी ही पत्नी उसकी मौत की पटकथा लिख चुकी है। 39 वर्षीय धनराज नाथ एक साधारण जिंदगी जीने वाला व्यक्ति, लेकिन उसकी जिंदगी का अंत बेहद दर्दनाक और खौफनाक तरीके से किया गया,आरोप है कि पत्नी धापूबाई और उसका प्रेमी पंकज चौधरी लंबे समय से अवैध संबंध में थे। जब इस रिश्ते की भनक पति को लगी, तो घर में विवाद बढ़ा,लेकिन इस विवाद को सुलझाने के बजाय, एक खतरनाक साजिश रची गई।10 अप्रैल की रात एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत धनराज को मौत के घाट उतार दिया गया। सब्बल और तलवार से ताबड़तोड़ वार ,जब तक कि सांसें थम नहीं गईं। लेकिन हत्या के बाद भी दरिंदगी यहीं नहीं रुकी।सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए। उसे जलाने की कोशिश की गई,और जब वो भी नाकाम रही, तो जेसीबी मशीन बुलाकर खेत में गड्ढा खुदवाया गया और शव के टुकड़ों को जमीन में दफना दिया गया,मानो सच को हमेशा के लिए दबा दिया जाएगा,लेकिन सच छुपता नहीं और इस मामले में भी सच सामने लाने वाले बने खुद मृतक के बच्चे। बेटे और बेटी को अपनी मां और उसके प्रेमी पर शक हुआ। उन्होंने पुलिस को बताया कि पिता आखिरी बार पंकज के साथ गए थे,और फिर कभी लौटे नहीं।पुलिस ने जब सख्ती दिखाई, तो साजिश की परतें खुलती चली गईं। आरोपियों की निशानदेही पर खेत में खुदाई हुई,और जमीन के नीचे दफन सच बाहर आ गया। शव के टुकड़े बरामद हुए,हत्या में इस्तेमाल हथियार भी जब्त कर लिए गए।जैसे ही यह वारदात सामने आई, पूरे गांव में गुस्से का उबाल आ गया। आक्रोशित ग्रामीण सड़कों पर उतर आए, गरोठ-भानपुरा रोड पर चक्काजाम कर दिया गया। लोगों की मांग है कि आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए, नार्को टेस्ट कराया जाए व आरोपियों के घर पर बुल्डोजर की कार्रवाई की जाए और अगर इस साजिश में कोई और शामिल है, तो उसे भी सख्त सजा मिले।मौके पर प्रशासन पहुंचा अधिकारियों ने लोगों को समझाइश दी और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। एसडीओपी विजय कुमार यादव का कहना है कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है।
