चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन बुधवार को शहर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। खास तौर पर खेरे की देवी माता मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते नजर आए। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और जयकारों का शोर गूंजता रहा।
खेरे की देवी माता मंदिर, जो शहर के बीचों-बीच स्थित है, सदियों पुराना माना जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर नगर की रक्षा के लिए विराजमान है और मां की कृपा से छतरपुर हमेशा सुरक्षित रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों में यहां हजारों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं को लेकर ज्योत जलाते हैं। कई भक्तों का कहना है कि वे वर्षों से यहां ज्योत लगाते आ रहे हैं और मां ने उनकी हर मनोकामना पूरी की है।
मंदिर के पुजारी रज्जू महाराज ने बताया कि नवरात्रि के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या बहुत अधिक होती है। वे मां के सामने ज्योत जलाकर अपनी इच्छाएं मांगते हैं और पूरे नौ दिन तक ज्योत जलाए रखते हैं। पुजारी महाराज ने कहा कि मां की कृपा से अधिकांश भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कई लोग यहां अपनी संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य, नौकरी, विवाह और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं।
नवरात्रि के पहले दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना हुई। श्रद्धालुओं ने लाल चुनरी, फूल, फल और मिठाई चढ़ाकर मां का आशीर्वाद लिया। मंदिर समिति ने भक्तों के लिए प्रसाद और जल व्यवस्था की गई थी। शहर के अन्य मंदिरों जैसे दुर्गा मंदिर, कालिका मंदिर और विभिन्न देवी स्थलों पर भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखी गई।
पुलिस और प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए थे। नवरात्रि के नौ दिनों तक मंदिरों में इसी तरह श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहेगा। भक्तों का कहना है कि मां दुर्गा की कृपा से यह नवरात्रि उनके लिए शुभ फलदायी साबित होगी।
