ग्वालियर। मप्र पुलिस में आरक्षकों के 7500 पदों पर भर्ती के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा 23 फरवरी से शुरू होने जा रही है। 13 मार्च तक यह परीक्षा चलेगी। ग्वालियर में एसएएफ की 14वीं वाहिनी स्थित मैदान पर शारीरिक परीक्षा होगी। मैदान गुरुवार से आम लोगों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। एसएएफ द्वारा मैदान इनोवेटिव साल्यूशन कंपनी को हैंडओवर कर दिया गया है। सेंसर से लेकर रडार व अन्य टूल्स इसी कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। शारीरिक भर्ती परीक्षा में कोई गड़बड़ की गुंजाइश न हो, इसलिए एक-एक सेकंड तक की मार्किंग होगी और बाकायदा टूल्स के जरिये ही पूरा रिकार्ड रखा जाएगा। जिसके आधार पर मार्किंग होगी।
800 मीटर की दौड़-:
अभ्यर्थियों को 800 मीटर की दौड़ पूरी करनी है। हर अभ्यर्थी को सेंसर से लैस जैकेट पहनाकर दौड़ाया जाएगा। इस जैकेट में कंधे पर रिसीवर है, जिसमें दौड़ पूरा करने का मिनट, सेकंड पूरा आनलाइन रहेगा। हर अभ्यर्थी की जैकेट अलग होगी, उसके एडमिट कार्ड के नंबर से यह लिंक रहेगी।
गोला फेंक और लंबी कूद में रडार से दूरी नापी जाएगी-:
इसी तरह गोला फेंक और लंबी कूद में रडार से दूरी नापी जाएगी। इसी आधार पर आनलाइन मार्किंग होगी। पहले इस तरह की हाइटेक व्यवस्थाएं नहीं होती थीं। पहले टाइमर लगाकर दौड़ का समय देखा जाता था।
पहले यह होता था-:
उदाहरण के लिए शारीरिक परीक्षा में गोला फेंक 20 फीट निर्धारित है। पूर्व में अगर कोई 19 फीट भी फेंक देता था तो उसे बाहर कर दिया जाता था, लेकिन अब 20 फीट गोला फेंक पर पूरे नंबर मिलेंगे। इससे कम दूरी तक गोला फेंकने पर कम नंबर रहेंगे। इसी तरह दौड़ और लंबी कूद में भी प्रदर्शन के आधार पर नंबर दिए जाएंगे।
पहले ऐसा नहीं होता था-:
पिछली बार प्रतिदिन शारीरिक परीक्षा में औसतन 200 अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। इस बार संख्या 400 रहेगी। इसलिए लंबी कूद और गोला फेंक के लिए तीन पिट तैयार किए जा रहे हैं। पिछली बार दो ही पिट थे।
इन तीन दिन रहेगी छुट्टी-:
दो मार्च, तीन मार्च और आठ मार्च को शारीरिक परीक्षा नहीं होगी। होली पर लगातार दो दिन छुट्टी रहेगी। छुट्टियां बीच में बढ़ी तो पहले ही अभ्यर्थियों को सूचित किया जाएगा।
अधिकारियों का क्या कहना है-:
अमित सांघी, डीआइजी, ग्वालियर रेंज का कहना है कि आम लोगों के लिए एसएएफ मैदान प्रतिबंधित कर दिया गया है। गुरुवार को कंपनी के प्रतिनिधि आ गए, अब मैदान इन्हें हैंडओवर कर दिया गया है। अभ्यर्थी सेंसर से लैस जैकेट लगाकर दौड़ेंगे और गोला फेंक व लंबी कूद पर रडार से दूरी नापी जाएगी। जिससे बिल्कुल सटीक समय और दूसरी पता लग सके। इसी आधार पर मार्किंग भी आनलाइन होगी।
