Imran Khan Dispute: पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित अडियाला सेंट्रल जेल (adiala jail) के अंदर इमरान खान पर जुल्म हो रहे हैं। पीएम शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) और आर्मी चीफ असीम मुनीर (Asim Munir) अपने ही पूर्व पीएम पर अत्याचार की सारी सीमाएं लांघ रहे हैं। यहां तक की उनके परिजनों को भी उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है। इमरान खान की बहनें और उनके समर्थक पिछले कई दिनों से जेल के बाहर धरने पर बैठे हुए हैं। 16-17 दिसंबर की दरमियानी रात अडियाला जेल के बाद देर रात बड़ा हंगामा हो गया। इमरान खान की बहनों को कैमिकल के पानी से नहलाया गया। हाड़ कंपाने वाली ठंड में केमिकल मिले पानी की बौछार के बाद उनके साथ मारपीट कर हिरासत में लिया गया।
दरअसल इमरान खान पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ अडियाला जेल के बाहर यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। इमरान खान की बहनें- आलिमा खान, उज्मा खान और नोरीन खान नियाजी PTI के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ जेल के बाहर इकट्ठा हुई थीं। उनकी मांग थी कि इमरान खान से मुलाकात कराई जाए। इमरान को अडियाला जेल में रखा गया है और उन पर कई गंभीर मामले चल रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने जेल की तरफ मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। देर रात पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर सभी को तितर-बितर कर दिया। PTI ने पूछा है कि यह कार्रवाई किस कानून के तहत की गई। पार्टी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर ऐसा अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पाकिस्तान पुलिस ने न्यायपालिका की आजादी छीनीः इमरान खान की बहन आलिमा खान
इमरान खान की बहन आलिमा खान ने कहा कि न्यायपालिका की आजादी छीन ली गई है। देश में बेरोजगारी बढ़ रही है और सुरक्षा की स्थिति खराब हो रही है। उन्होंने 2 दिसंबर को अपनी बहन उज्मा की इमरान से हुई छोटी मुलाकात का जिक्र किया। उज्मा ने बताया कि इमरान बहुत परेशान और गुस्से में थे। उन्हें और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को छोटे कमरे में मानसिक तनाव दिया जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर रही पुलिसइस्लामाबाद हाईकोर्ट ने मार्च 2025 में आदेश दिया था कि इमरान खान को हफ्ते में दो बार यानी मंगलवार और गुरुवार को परिवार से मिलने की इजाजत दी जाए। हालांकि PTI का कहना है कि यह आदेश ठीक से नहीं माना जा रहा है। प्रदर्शनकारी इसी आदेश का पालन कराने की मांग कर रहे थे। PTI ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने महिलाओं, बुजुर्गों और आम लोगों पर केमिकल युक्त या जहरीले पानी का छिड़काव किया। कुछ कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट भी हुई और कई को हिरासत में लिया गया। PTI ने कहा कि सरकार और सेना दमन की नई मिसाल पेश कर रही है।
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