जिले सहित पूरे क्षेत्र में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शासकीय संस्थानों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां स्कूली बच्चों ने बाबा साहेब को याद करते हुए शिक्षित समाज निर्माण का संकल्प लिया।
जिले के चिचोली नगर में अंबेडकर जयंती के अवसर पर आजाक संगठन, जयस संगठन एवं अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह रैली डीजे, बैंड-बाजे और आकर्षक झांकियों के साथ पूरे नगर में भ्रमण करती रही। जगह-जगह नागरिकों और विभिन्न समाजों द्वारा झांकियों का फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया। वहीं अनुयायियों के लिए पेयजल, शरबत, दूध और लस्सी का वितरण भी किया गया।
जय स्तंभ चौक पर नगर परिषद अध्यक्ष वर्षा मालवीय, उपाध्यक्ष वर्षा आवलेकर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। इसके बाद रैली जनपद पंचायत परिसर पहुंची, जहां बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पंचशील पाठ और वंदना की गई।
कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत समाजसेवी राजा धुर्वे ने कहा कि “शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। बाबा साहेब अंबेडकर इसका सर्वोत्तम उदाहरण हैं, जिन्होंने शिक्षा के बल पर विश्व में अपनी पहचान बनाई।”
नगर परिषद अध्यक्ष वर्षा मालवीय ने कहा कि वे क्षेत्र के हर बच्चे को शिक्षित बनाने के लिए संकल्पित हैं और इस दिशा में लगातार कार्य करेंगी। वहीं संगठन के विजय पंडाग्रे और राहुल चंदेलकर ने बाबा साहेब को समाज समरसता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उन्होंने संविधान के माध्यम से सभी को समान अधिकार प्रदान किए।
कार्यक्रम के अंत में तपश्री खेल मैदान में ब्लॉक स्तरीय जयंती समारोह आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। इस दौरान भाजपा, कांग्रेस, जयस सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करने का संदेश दिया।
